राखा कॉपर माइंस में भूतपूर्व कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, नियोजन व बकाया भुगतान को लेकर एचसीएल के खिलाफ चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की राखा कॉपर माइंस को 24 साल बाद पुनः शुरू किया गया है, लेकिन नियोजन में भूतपूर्व कर्मचारियों की अनदेखी और बकाया भुगतान में टालमटोल को लेकर नाराज़गी बढ़ गई है। सोमवार को भूतपूर्व कर्मचारियों ने राखा कॉपर पूजा पंडाल में प्रदर्शन कर चेतावनी दी कि यदि 23 जुलाई तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो जोरदार आंदोलन होगा।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि माइन बंद होने के समय कंपनी ने आश्रितों को नौकरी देने और बकाया राशि चुकाने का वादा किया था, लेकिन अब आउटसोर्सिंग के जरिए बाहरी लोगों को नियोजित किया जा रहा है। भाजपा नेता मनोज प्रताप सिंह ने सभा में आरोप लगाया कि एचसीएल प्रबंधन और बिचौलियों की मिलीभगत से 10 हजार में नौकरियां बेची जा रही हैं और भूतपूर्व कर्मचारियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

सभा के दौरान राखा कॉपर भूतपूर्व कर्मचारी एवं आश्रित संघ की नई कमिटी का गठन भी किया गया। इसमें विश्वनाथ महतो को अध्यक्ष, मनोज प्रताप सिंह को महामंत्री, लिटा राम मुर्मू, विशाल महतो और अरविंद भक्त को उपाध्यक्ष, अजित पात्रों को सचिव तथा वी.एन. शर्मा को कोषाध्यक्ष चुना गया।

सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि भूतपूर्व कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी और बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो माइंस संचालन नहीं करने दिया जाएगा। बड़ी संख्या में पूर्व कर्मचारी और ग्रामीण इस आंदोलन में शामिल हुए।

