डॉ सुधा नंद झा ज्योतिषी मिथिला मनोकामना ज्योतिष केंद्र द्वारा प्रस्तुत राशिफल
🙏🕉️🌺🙏🕉️🌺🙏🕉️🌺🙏🕉️🌺 *दैनिक पंचांग एवं राशिफल ०१::०४::२०२४ सोमवार सप्तमी तिथि*🙏
🕉️ *ॐ नमः शिवाय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे* 🚩
🌺 *((डा सुधा नन्द झा ज्यौतिषी मिथिला मनोकामना ज्यौतिष केन्द्र जमशेदपुर झारखंड मूल गांव राढ़ी दरभंगा मिथिला मो एवं वाट्सअप नंबर ९४३०३३६५०३(9430336503) दिन में एग्यारह बजे से रात्रि नौ बजे तक सम्पर्क कर सकते हैं परामर्श शुल्क अनिवार्य))*
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🙏 *जिनके विषय में कुछ पूछना चाहते हैं तो उनका नाम उनके पिताजी का नाम जन्म तारीख महीना इसवी जन्म समय और जन्म स्थान लिखकर दीजिए कृपया* 🙏🙏पता – (*डा सुधा नन्द झा ज्योतिषी कृष्णा रोड रामस्वरूप बगान दस नंबर बस्ती सिदगोड़ा जमशेदपुर*)
🕉️ मित्रों 🙏 *इस दैनिक पंचांग को आप भी अपने मित्रों और वाट्सअप समूहों में दीजिए जिससे कि अधिक से अधिक लोगों को लाभ हो सके* 🙏🙏
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
नोट – *विशेष आवश्यकता में, नौकरी करने में या नौकरी ज्वाइन करने में, विद्यार्थी को पंचक राहुकाल आदि यात्रा विचार नहीं*
*इसी प्रकार चौबीस घंटे के अंदर वापसी हो तो दिशाशूल नहीं लगता है*
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मंगला मंगली विचार —
*मंगल यदि प्रथम चतुर्थ सप्तम अष्टम या द्वादश भाव में हो तो मंगला मंगली दोष होता है किन्तु वही मंगल यदि अपने घर में हों या उच्च के हों या अपने सप्तम भाव को देख रहे हों या मंगल लग्नेश या भाग्येश हों या फिर मंगल पर शनि राहु और वृहस्पति का प्रभाव हो तो मंगल दोष समाप्त हो जाता है*
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*नाड़ी दोष समाप्त कैसे होता है* –
*वर वधू की नाड़ी एक हो तो नाड़ी दोष लगता है और विवाह अच्छा नहीं माना जाता है किन्तु यदि वर वधू का नक्षत्र अलग अलग हो तो नाड़ी दोष समाप्त हो जाता है।वर वधू का नक्षत्र भी एक हो किंतु चरण अलग अलग हो तो उस स्थिति में भी नाड़ी दोष समाप्त हो जाता है और वर वधू की नाड़ी एक रहते हुए भी वैवाहिक जीवन शुभ होता है*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें।
लाभ में व्यापार करें।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें।
*💮दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*
परिहार-: *आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड खाके यात्रा कर सकते है l*
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।*
*महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
*10 + 3 + 1 = 14 ÷ 4 = 2 शेष*
*आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l*
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
*सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है*
शुक्र ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
10 + 10 + 5 = 25 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = संताप कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮 *आपका आज का दिन आपके अच्छे विचारों अच्छी दिनचर्या एवं अच्छे प्रयासों से प्रभावित होगा। अच्छे प्रयासों और कर्मनिष्ठ दिनचर्या से नकारात्मक ग्रह भी अच्छे परिणाम देने लगते हैं इसलिए राशिफल को आधार बनाकर आज का दिन मत व्यतीत कीजिए*
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
*शाकेन रोगा वर्ध्दते पयसो वर्ध्दते तनुः ।*
*घृतेन वर्ध्दते वीर्यं मांसान्मासं प्रवर्ध्दते ।।*
।। चा o नी o।।
*शाक से रोग, दूध से शरीर, घी से वीर्य और मांस से मांस की वृध्दि होती है।*
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: ज्ञानकर्मसन्यास योग अo-04
*गतसङ्गस्य मुक्तस्य ज्ञानावस्थितचेतसः ।*,
*यज्ञायाचरतः कर्म समग्रं प्रविलीयते ॥*,
*जिसकी आसक्ति सर्वथा नष्ट हो गई है, जो देहाभिमान और ममता से रहित हो गया है, जिसका चित्त निरन्तर परमात्मा के ज्ञान में स्थित रहता है- ऐसा केवल यज्ञसम्पादन के लिए कर्म करने वाले मनुष्य के सम्पूर्ण कर्म भलीभाँति विलीन हो जाते हैं॥,23॥*,
*💮🚩 नाम राशि और जन्म की राशि कहां कहां* —
*देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।*
*नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।*
*विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।*
*जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।*
🌺 *मिथिला एवं काशी पंचांग के अनुसार निम्न पंचांग* —
🙏श्री शुभ संवत् २०८०
🕉️ श्री शक संवत् १९४५
🌺 *काशी पंचांग में सूर्योदय* –०५::५१
🙏 सूर्यास्त –०६::०९
🕉️ *चैत्र मास कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि सायं काल –०४::१८ मिनट तक इसके बाद अष्टमी तिथि*
🌺 *मूल नक्षत्र रात्रि में –०६::४७ मिनट तक इसके बाद पूर्व आषाढ़ नक्षत्र*
🙏 *वरीयान योग सायं –०४::३३ मिनट तक इसके बाद परिघ योग*
🕉️ *आज का राहुकाल दिन में* — *०७::१० मिनट से ०८::४३ मिनट तक*
🌺 *आज का अभिजीत मुहूर्त* — *११::२४ से १२::१४ मिनट तक दिन में*
*आज का अमृत काल*– *सायं काल — ०४::४४ से ०६::२१ मिनट तक*
🙏 *आज जिनका जन्मदिन है उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं* 🙏 *हैप्पी बर्थ डे* 🙏🙏
🕉️ *आज आपका दिन मंगलमय हो आपको सफलता मिले आप सपरिवार हंसते मुस्कुराते हुए रहिये 👏🙏 और अपने परिवार को तनावमुक्त रखिये 🙏 *योग प्राणायाम कुछ हल्के व्यायाम कीजिए संतुलित आहार लीजिए 🙏 और नशा अहंकार को छोड़ कर जीवन का वास्तविक आनंद लीजिए*
🙏 *नीचे दिए गए पंचांग सूरत गुजरात दिल्ली उज्जैन शिमला बंगलूरू महाराष्ट्र राजस्थान हिमाचल प्रदेश कश्मीर उत्तराखंड सिंध प्रांत आदि क्षेत्रों में अधिक उपयुक्त* —
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*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
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*दिनाँक:-01/04/2024, सोमवार*
सप्तमी, कृष्ण पक्ष,
चैत्र
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि —————सप्तमी 21:09:12 तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र———— मूल 23:11:09
योग———- वरियान 20:28:30
करण——- विष्टि भद्र 09:24:47
करण————– बव 21:09:12
वार———————- सोमवार
माह————————— चैत्र
चन्द्र राशि——————- धनु
सूर्य राशि——————– मीन
रितु————————-वसंत
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर—————– शोभकृत
संवत्सर (उत्तर) —————-पिंगल
विक्रम संवत————– 2080
गुजराती संवत———— 2080
शक संवत—————- 1945
कलि संवत—————- 5124
वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:10:38
सूर्यास्त————— 18:35:33
दिन काल————- 12:24:55
रात्री काल————- 11:33:58
चंद्रास्त—————- 10:35:28
चंद्रोदय—————- 25:21:46
लग्न—- मीन 17°35′ , 347°35′
सूर्य नक्षत्र—————— रेवती
चन्द्र नक्षत्र——————– मूल
नक्षत्र पाया——————- रजत
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
यो—- मूल 11:08:15
भा—- मूल 17:10:55
भी—- मूल 23:11:09
भू—- पूर्वाषाढा 29:08:57
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= मीन 17:10, रेवती 1 दे
चन्द्र=धनु 03:30 , ज्येष्ठा 2 यो
बुध =मेष 02:53′ अश्विनी 1 चू
शु क्र= मीन 00°05, पू o भाo ‘ 4 दी
मंगल=कुम्भ 12°30 ‘ शतभिषा’ 2 सा
गुरु=मेष 22°30 भरणी , 3 ले
शनि=कुम्भ 19°50 ‘ शतभिषा ,4 सू
राहू=(व) मीन 21°50 रेवती , 2 दो
केतु=(व) कन्या 21°50 हस्त , 4 ठ
*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 💮🚩💮*
राहू काल 07:44 – 09:17 अशुभ
यम घंटा 10:50 – 12:23 अशुभ
गुली काल 13:56 – 15: 29अशुभ
अभिजित 11:58 – 12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 12:48 – 13:38 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:17 – 16:07 अशुभ
वर्ज्यम 21:35 – 23:11 अशुभ
🚩गंड मूल 06:11 – 23:11 अशुभ
💮चोघडिया, दिन
अमृत 06:11 – 07:44 शुभ
काल 07:44 – 09:17 अशुभ
शुभ 09:17 – 10:50 शुभ
रोग 10:50 – 12:23 अशुभ
उद्वेग 12:23 – 13:56 अशुभ
चर 13:56 – 15:29 शुभ
लाभ 15:29 – 17:02 शुभ
अमृत 17:02 – 18:36 शुभ
🚩चोघडिया, रात
चर 18:36 – 20:02 शुभ
रोग 20:02 – 21:29 अशुभ
काल 21:29 – 22:56 अशुभ
लाभ 22:56 – 24:23* शुभ
उद्वेग 24:23* – 25:49* अशुभ
शुभ 25:49* – 27:16* शुभ
अमृत 27:16* – 28:43* शुभ
चर 28:43* – 30:10* शुभ
💮होरा, दिन
चन्द्र 06:11 – 07:13
शनि 07:13 – 08:15
बृहस्पति 08:15 – 09:17
मंगल 09:17 – 10:19
सूर्य 10:19 – 11:21
शुक्र 11:21 – 12:23
बुध 12:23 – 13:25
चन्द्र 13:25 – 14:27
शनि 14:27 – 15:29
बृहस्पति 15:29 – 16:31
मंगल 16:31 – 17:33
सूर्य 17:33 – 18:36
🚩होरा, रात
शुक्र 18:36 – 19:33
बुध 19:33 – 20:31
चन्द्र 20:31 – 21:29
शनि 21:29 – 22:27
बृहस्पति 22:27 – 23:25
मंगल 23:25 – 24:23
सूर्य 24:23* – 25:20
शुक्र 25:20* – 26:18
बुध 26:18* – 27:16
चन्द्र 27:16* – 28:14
शनि 28:14* – 29:12
बृहस्पति 29:12* – 30:10
*🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
मीन > 04:30 से 05:56 तक
मेष > 05:56 से 08:48 तक
वृषभ > 08:48 से 09:42 तक
मिथुन > 09:42 से 11:52 तक
कर्क > 11:52 से 14:18 तक
सिंह > 14:18 से 16:26 तक
कन्या > 16:26 से 18:42 तक
तुला > 18:42 से 20:32 तक
वृश्चिक > 20:32 से 22:56 तक
धनु > 22:56 से 00:56 तक
मकर > 00:56 से 02:58 तक
कुम्भ > 02:58 से 04:20 तक
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
15 + 7 + 2 + 1 = 25 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
गुरु ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
प्रातः 09:19 तक समाप्त
पाताल लोक =धनलाभ कारक
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
* शीतला पूजन वासोडा
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
निमन्त्रणोत्सवा विप्रा गावो नवतृणोत्सवाः ।
पत्युत्साहयुता भार्या अहं कृष्ण ! रणोत्सवः ।।
।। चा o नी o।।
ब्राह्मणों को स्वादिष्ट भोजन में आनंद आता है. गायो को ताज़ी कोमल घास खाने में. पत्नी को पति के सान्निध्य में. क्षत्रियो को युद्ध में आनंद आता है.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: ज्ञानकर्मसन्यास योग अo-04
यथैधांसि समिद्धोऽग्निर्भस्मसात्कुरुतेऽर्जुन ।,
ज्ञानाग्निः सर्वकर्माणि भस्मसात्कुरुते तथा ॥,
क्योंकि हे अर्जुन! जैसे प्रज्वलित अग्नि ईंधनों को भस्ममय कर देता है, वैसे ही ज्ञानरूप अग्नि सम्पूर्ण कर्मों को भस्ममय कर देता है॥,37॥,
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
नए मित्र बनेंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर अवसर बढ़ेंगे। समस्याएं कम होंगी। मान-सम्मान मिलेगा। मित्र व रिश्तेदारों से संबंध सुधरेंगे। बुद्धि का प्रयोग करें। व्यापार-व्यवसाय व नौकरी से अनुकूलता बनी रहेगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा।
🐂वृष
जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। नए मित्र बनेंगे। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। चोट व रोग से बचें।
👫मिथुन
वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। अकारण क्रोध व उत्तेजना रह सकते हैं। बेवजह किसी से विवाद हो सकता है। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। काम में मन नहीं लगेगा। मन में संवेदनशीलता अधिक रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। भागदौड़ रहेगी। जोखिम न उठाएं।
🦀कर्क
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कामों की रुकावट दूर होगी। स्थिति मनोनुकूल रहेगी। कारोबार में लाभ वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। निवेश में लाभ होगा। घर में सभी सदस्य आनंदपूर्वक रहेंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें।
🐅सिंह
मेहनत का पूरा-पूरा फल मिलेगा। काम में उत्साह व प्रसन्नता से ध्यान दे पाएंगे। वाद-विवाद से अपना पक्ष मजबूत कर पाएंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। निवेश में जल्दबाजी न करें।
🙍♀️कन्या
नई योजना बनेगी। कार्यस्थल पर सुधार व परिवर्तन हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेंगे। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। सुख के साधनों की प्राप्ति की कोशिशें कामयाब रहेंगी। नए काम हाथ में आएंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
⚖️तुला
चोट व दुर्घटना से हानि की आशंका बनती है। आशंका-कुशंका के चलते कार्य प्रभावित होंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। झंझटों से दूर रहें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। आर्थिक परेशानी आ सकती है। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें।
🦂वृश्चिक
भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति निर्मित होगी। कोई बड़ा सौदा बड़ा लाभ दे सकता है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। जल्दबाजी न करें।
🏹धनु
रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। व्यापार-व्यापार अच्छा चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। प्रसन्नता तथा उत्साह में वृद्धि होगी। जोखिम न लें। प्रमाद से बचें।
🐊मकर
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कारोबार से लाभ होगा। उत्साह व प्रसन्नता से कार्य कर पाएंगे। घर के सभी सदस्य प्रसन्न व संतुष्ट रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। संगीत आदि में दिलचस्पी बढ़ेगी।
🍯कुंभ
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। नौकरी में अमन-चैन रहेगा। अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। शेयर-मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से मनोनुकूल लाभ होगा। विवेक का प्रयोग करें। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। प्रसन्नता रहेगी।
🐟मीन
फालतू खर्च होगा। लाभ के अवसर टलेंगे। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। चोट व रोग से बचें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। किसी व्यक्ति से व्यर्थ में विवाद हो सकता है। सम्मान को ठेस पहुंच सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺 जय श्री सीताराम जय श्री राधे कृष्ण हर हर महादेव 🙏🙏🙏🙏🙏डा सुधा नन्द झा ज्योतिषी जमशेदपुर मो एवं वाट्सअप नंबर 9430336503🙏🙏🙏🙏🙏