17 साल देश की सेवा, गद्दार नहीं हो सकता: ISI के लिए जासूसी के आरोप में पकड़े गए पूर्व फौजी के पिता ने कहा – साजिश के तहत फंसाया गया
राष्ट्र संवाद संवाददाता
नितेश सिंह राजपूत
*बेगूसराय।* पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में असम में गिरफ्तार बिहार के पूर्व फौजी के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी के पिता ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा है कि 17 साल तक देश की सेवा करने वाला व्यक्ति कभी गद्दारी नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बिहार के दो युवकों -बेगूसराय निवासी 39 वर्षीय रीतेश सिंह एवं पूर्वी चंपारण निवासी 31 वर्षीय अभिषेक कुमार सिंह को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। दोनों को गुवाहाटी के गांधीनगर स्थित किराए के मकान से पकड़ा गया था। इस गिरफ्तारी की पुष्टि खुद असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने की है।
*3 साल पहले लिया था VRS*
जानकारी के अनुसार अभिषेक कुमार सिंह ने भारतीय सेना में 17 साल तक सेवा दी और 3 साल पहले VRS लेकर सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद वह असम में एक निजी कंपनी में अनुबंध पर काम कर रहे थे।
बेटे की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। पिता ने कहा, “हमने मीडिया से सुना है। मेरा बेटा कभी देश से गद्दारी नहीं कर सकता। उसे हनी ट्रैप या किसी बड़ी साजिश में फंसाया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
*क्या है पुलिस का दावा?*
वहीं असम STF और मिलिट्री इंटेलिजेंस का दावा है कि दोनों आरोपी पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) के सीधे संपर्क में थे। वे भारतीय सेना के मूवमेंट से जुड़ी गोपनीय जानकारियां वॉट्सऐप और कॉल के जरिए सीमा पार भेज रहे थे। तलाशी के दौरान उनके पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस हनी ट्रैप के एंगल से भी जांच कर रही है।

