Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मनुष्य के जीवन की सार्थकता साधना ,सेवा और त्याग पर निर्भर करती है
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से झारखंड धर्म

    मनुष्य के जीवन की सार्थकता साधना ,सेवा और त्याग पर निर्भर करती है

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 3, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    महामारी की इस अवस्था में धैर्य बनाकर रखने की जरूरत है ।व्यक्तिगत दूरी ,मास्क का प्रयोग और घर में एक दूसरे के कार्य में सहयोग की भावना और ईश्वर के प्रति समर्पण इस विकट परिस्थिति निजात पाने में सहायता प्रदान करेगा

    जमशेदपुर 3 अगस्त:जमशेदपुर एवं आसपास के लगभग 5 हजार से भी ज्यादा आनंद मार्गी मोबाइल लैपटॉप एवं अन्य अत्याधुनिक माध्यमों से वेब टेलीकास्ट प्रवचन का लाभ उठाया।श्रावणी पूर्णिमा के अवसर आनंद मार्ग प्रचारक संघ के
    पुरोधा प्रमुख श्रद्धेय आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत ने साधकों को ऑनलाइन संबोधित किए
    उन्होंने कहा कि आज से 81 वर्ष पूर्व वर्ष 1939 में प्रथम दीक्षा हुई थी और आज 2020 में आनंद मार्ग समग्र दुनिया के 170 देशों में फैल गया है जहां साधक साधिका योग साधना का लाभ उठा रहे हैं ।
    उन्होंने कहा कि मनुष्य साधना ,सेवा और त्याग से महान बनता है ।मनुष्य के जीवन की सार्थकता इन्हीं तीन चीजों पर निर्भर करती है ।आगे उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि नैतिकता साधना की आधार भूमि है। साधना लक्ष्य प्राप्त करने का माध्यम है। दिव्य जीवन की प्राप्ति मनुष्य जीवन का लक्ष्य है। मनुष्य नीति को जितनी कठोरता से मान कर चलेंगे उनका जीवन उतना ही सहज हो जाएगा।
    करुणा वायरस के कारण उत्पन्न महामारी की इस अवस्था में धैर्य बनाकर रखने की जरूरत है ।व्यक्तिगत दूरी ,मास्क का प्रयोग और घर में एक दूसरे के कार्य में सहयोग की भावना और ईश्वर के प्रति समर्पण इस विकट परिस्थिति निजात पाने में सहायता प्रदान करेगा। ।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार के आदेशानुसार सावन माह के पूर्णिमा (पांचवीं सोमवारी) के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन हेतु खोला गया पट
    Next Article उपायुक्त ने जिले वासियों को दिया रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं

    Related Posts

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    June 23, 2026

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    June 23, 2026

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    June 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    भारतीय ज्ञान-मीमांसा: मिथिला विवि में व्याख्यान

    लखनऊ अग्निकांड में बुलडोजर न्याय: रत्नाकर की सख्त मांग

    सूचना के अधिकार: सरकार के ‘अधूरे फैसले’ पर गलगली के सवाल

    लखनऊ अग्निकांड: कब जागेगा तंत्र, सुधारों की क्यों दरकार?

    लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 15 जिंदगियां राख

    कालिकापुर-बागों सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, पक्की सड़क निर्माण की उठी मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.