जादूगोड़ा यूसील कैंटीन में एक्सपायरी दूध बंटने से मजदूर नाराज, ठेकेदार पर फर्जीवाड़े का आरोप
राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) मिल माइंस कैंटीन में जमुना एंड फैमिली द्वारा मजदूरों को एक्सपायरी दूध दिए जाने से भारी नाराजगी फैल गई है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि कैंटीन में लगातार घटिया खाद्य सामग्री दी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात नाइट शिफ्ट भत्ता के तहत मजदूरों को सुधा दूध का पैकेट दिया गया, जिसमें न तो मैन्युफैक्चरिंग डेट थी और न ही एक्सपायरी डेट। घर पर दूध से चाय बनाने पर दूध फट गया। मजदूरों ने इसकी शिकायत यूनियन और अधिकारियों से की तथा व्हाट्सएप ग्रुप में फोटो साझा कर विरोध दर्ज कराया।
यूसील प्रबंधन ने एक साल के लिए 1 करोड़ 61 लाख रुपये का कैंटीन टेंडर जमुना एंड फैमिली को दिया है, जिसमें नाश्ता, भोजन, रात का खाना और नाइट शिफ्ट पैकेट शामिल है। लेकिन शुरुआत के दो हफ्तों में ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मजदूरों ने आरोप लगाया कि खाना घटिया है, पापड़-अचार नहीं दिए जा रहे, सरसों तेल की जगह लोकल तेल उपयोग हो रहा है और सीजनल सब्जियां नहीं दी जा रही हैं।

यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार ने फर्जी कागजात लगाकर टेंडर हासिल किया। दीप इंटरप्राइजेज का क्रेडेंशियल लगाकर टेंडर लिया गया, जबकि वह ईटा-गिट्टी-बालू सप्लायर है और जीएसटी भी जमा नहीं करता। इससे पहले राहुल होटल का टेंडर कागजात सही न होने पर रद्द किया गया था, बावजूद इसके सेकेंड लोएस्ट को टेंडर दिए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
करीब 200 मजदूरों ने हस्ताक्षर कर मांग की है कि कैंटीन व्यवस्था फिर से यूसील प्रबंधन अपने हाथों में ले और जमुना एंड फैमिली का टेंडर रद्द किया जाए। मजदूर नेताओं ने कहा कि यदि प्रबंधन ने ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।


