जादूगोड़ा बना साइबर अपराधियों का गढ़, यूसिल वैज्ञानिक से 1.27 करोड़ की ठगी
राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
जादूगोड़ा संवाददाता।
जादूगोड़ा थाना क्षेत्र तेजी से साइबर अपराध का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। यूसिल के वैज्ञानिक आर.एल. पटनायक शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1 करोड़ 27 लाख रुपये की ठगी के शिकार हो चुके हैं। घटना को हुए 9 महीने गुजरने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है।
ग्रामीणों और कर्मचारियों का कहना है कि दर्जनों युवा इस अपराध में शामिल हैं। पुलिस की जागरूकता अभियानों के बावजूद ठगी का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। हाल ही में कोकदा गांव से पांच युवकों की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन इसके बाद भी साइबर नेटवर्क मजबूत बना हुआ है।

पिछले दिनों साइबर थाना और विभिन्न राज्यों की पुलिस ने कई युवकों को नोटिस जारी किया। इनमें नवरंग मार्केट के निहंशु सिंह, कोकदा के जगदीश कुमार भगत, काला पत्थर के उज्ज्वल कुमार प्रमाणिक, जादूगोड़ा के हेमंत कुमार कालिंदी और कुल्डीहा के दीपक कुमार भगत के नाम शामिल हैं। इचड़ा गांव भी साइबर अपराधियों का नया अड्डा बन गया है। यहां के सागर कर्मकार और राज भगत समेत कई युवकों के नाम सामने आए हैं। राज भगत के बड़े भाई राहुल भगत पहले से ही जेल में बंद हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि साइबर अपराध से जुड़े युवाओं की अचानक बढ़ी संपत्ति और आलीशान मकान इस अवैध धंधे का सबूत है। धर्मेंद्र भगत और अन्य युवाओं की आर्थिक स्थिति में अचानक आया बदलाव भी सवाल खड़े कर रहा है।
आसानबनी निवासी महेश्वर दास के खाते से 30 हजार, यूसिल कर्मी नवीन प्रसाद से 20 हजार और खगेश्वर मलिक से 70 हजार रुपये साइबर ठगों ने हाल ही में उड़ा दिए।
लोगों को उम्मीद है कि एसएसपी पीयूष पांडे के नेतृत्व में जादूगोड़ा में साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई होगी। फिलहाल, यह क्षेत्र साइबर ठगों के लिए सुरक्षित जोन बन गया है, जिससे आम जनता और यूसिल कर्मियों में चिंता गहराई है।

