यूसिल प्रबंधन ने टेलिंग पौंड बनाते समय पूजा स्थल को कचड़ा पानी से पूरी तरह किया प्रदूषित
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका प्रखंड के चाटीकोचा गांव और आसपास के आदिवासी गांवों का एकमात्र पूजा स्थल जाहेरगढ़ टेलिंग पॉइंट में है। हजारों ग्रामीण यहीं पूजा करते हैं। यह स्थान उनकी आस्था से जुड़ा है। यूसिल प्रबंधन ने टेलिंग पौंड बनाते समय इस पूजा स्थल को कचड़ा पानी से पूरी तरह प्रदूषित कर दिया। ग्रामीणों की मांग पर यूसिल ने वहां पानी निकासी के लिए तीन पंप लगाए। लेकिन पानी की निकासी के दौरान पूरा पूजा स्थल कचड़ा पानी में डूब गया। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि यूसिल प्रबंधन की लापरवाही से उनका पूजा स्थल दूषित हो गया। सभी ग्रामीण वहां पहुंचे और नाराजगी जताई। उन्होंने टेलिंग पौंड को बंद करने की चेतावनी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 27 सालों से न तो उनका पुनर्वास हुआ, न ही पूजा स्थल का समाधान निकला। बार-बार पूजा स्थल प्रदूषित हो रहा है। यह उनके साथ खिलवाड़ है।
ग्रामीण का कहना हे कि उन्हें केवल तारीख पर तारीख मिल रहा है लेकिन इंसाफ नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों के आंदोलन की चेतावनी के बाद पोटका के सीओ निकिता वाला और जादूगोड़ा थाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया। निकिता कुमारी ने बताया कि 28 जून को उपायुक्त इस मामले में बैठक करेंगे। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक 700 बार बैठक हो चुकी है, कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा कि शुक्रवार तक समाधान नहीं हुआ तो टेलिंग पौंड का काम बंद करवा देंगे। अब ग्रामीण पूजा स्थल और पुनर्वास को लेकर एकजुट हो गए हैं। इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
ग्रामीणों के द्वारा यूसिल मिल से कचरा अयस्क जाने वाले तीनों पाइप को खोल दिया है जिसके कारण मिल बंद हो गया है और अब कचरा का पाइप ग्रामीण तभी जोड़ने देंगे जब उनका पूजा स्थल को पवित्र और उन्हें इंसाफ मिलेगा।
ग्रामीणों के नाराजगी से यूसिल प्रबंधन की मुश्किल बढ़ती हुई नजर आ रही है यूसिल में हड़कंप मच गया है अब ग्रामीण न्याय के लिए हर कदम उठाने को तैयार है आदिवासी समुदाय के लोग एकजुट हो रहे हैं।
इस अवसर पर शामिल ग्रामीणों में ग्राम प्रधान मेघराई सोरेन,जगदीश मार्डी,लखन हंसदा,संजय सोरेन,

