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    पश्चिमी सिंहभूम: डीसी चंदन कुमार की अध्यक्षता में पशुपालन एवं मत्स्य योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarDecember 11, 2025No Comments3 Mins Read
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    पश्चिमी सिंहभूम: डीसी चंदन कुमार की अध्यक्षता में पशुपालन एवं मत्स्य योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    आज पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री चंदन कुमार की अध्यक्षता में गव्य विकास, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग द्वारा क्रियान्वित योजनाओं से संबंधित समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपायुक्त के द्वारा पशुपालन विभाग से संचालित मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना अंतर्गत जोड़ा बैल वितरण, कुक्कुट पालन, बत्तख पालन, बकरी पालन, सूकर पालन आदि से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया। इस दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना अंतर्गत 1603 लाभुकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित है। जिसमें नियमानुसार चयन समिति के माध्यम से लाभुकों का चयन कर 779 लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण और 195 यूनिट का वितरण भी किया गया है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2596 लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण और 2082 यूनिट का वितरण भी किया गया। *बैठक में उपायुक्त के द्वारा जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि चालू वित्तीय वर्ष अंतर्गत नियमानुसार लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत लाभुकों का चयन एवं उनके एस्क्रो बैंक खाते को खुलवाते हुए राशि का हस्तांतरण सुनिश्चित करवाया जाए।

     

    बैठक में उपायुक्त के द्वारा जिला गव्य विकास कार्यालय अंतर्गत गव्य विकास प्रक्षेत्र के तहत मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना(गव्य प्रक्षेत्र) से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन का समीक्षा किया गया। जिसमें बताया गया कि योजना अंतर्गत विभाग के माध्यम से 2 गाय/5 गाय/10 गाय वितरण योजना और हस्तचालित/विद्युत चालित चारा कटिंग मशीन, खोवा मेकिंग मशीन सहित अन्य मशीनें निर्धारित सब्सिडी दर पर लाभुकों को प्रदान किया जाता है। बैठक में बताया गया कि 2 गाय वितरण योजना के तहत 150 लाभुकों के चयन का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें 134 लाभुकों का चयन हुआ है और तकरीबन 60 लोगों का एस्क्रो बैंक खाता खुलवाया गया है और जल्दी ही राशि का हस्तांतरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। *बैठक में उपायुक्त के द्वारा बैंक खाता का केवाईसी नहीं होने की वजह से योजना के लंबित राशि का लाभ संलग्न लाभुकों को उपलब्ध कराने के संदर्भ में, जिला गव्य विकास पदाधिकारी एवं जिला पशु पालन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर सभी संबंधित खातों का केवाईसी पूर्ण करवाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में योजना का पैसा खाते में लंबित न रहे, सरकार के द्वारा योजना तहत प्रदान किया गया लाभ, लाभुकों को आजीविका संवर्धन हेतु प्रदान किया जाता है और इसे ससमय सुनिश्चित भी करना है।

    बैठक में उपायुक्त को सूचित किया गया कि गव्य प्रक्षेत्र की योजना के अंतर्गत अलग-अलग तीन वित्तीय वर्ष में लाभुकों के द्वारा अंशदान की राशि जमा नहीं करने के कारण वितरण का कार्य अधूरा है। जिस पर उपायुक्त के द्वारा संबंधित सभी लाभुकों को नोटिस निर्गत करने और समय सीमा निर्धारित कर अंशदान जमा करवाने के संदर्भ में उचित निर्देश दिया गया। इसके अलावा जिला में मिल्क चिलिंग प्लांट के संचालन हेतु झारखंड मिल्क फेडरेशन के साथ समन्वय स्थापित करने और संचालन से संबंधित कार्य योजना बनाने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में उपायुक्त के द्वारा मत्स्य विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं से संबंधित प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया। इस दौरान बताया गया कि मत्स्य विभाग अंतर्गत 498 तालाब बंदोबस्ती के लक्ष्य के विरुद्ध 435 तालाब का बंदोबस्ती कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही जिले के तीन खदानों में केज कल्चर के माध्यम से मछली पालन का कार्य किया जा रहा है तथा जिला अंतर्गत अन्य बंद खदानों का भी सर्वेक्षण करवाया जा रहा है।

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