*ग्राम सभा में सर्वसम्मत फैसला, गांव की सहमति के बिना एनओसी नहीं देंगे, प्रशासन से प्रक्रिया रोकने की मांग*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, सरायकेला
सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत जारकानी गांव में प्रस्तावित खनन पट्टा को लेकर ग्रामीणों का विरोध मुखर हो गया है। माझी बाबा सह ग्राम प्रधान लाभो बास्के के नेतृत्व में आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव की सहमति के बिना किसी भी परिस्थिति में खनन पट्टा के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं दिया जाएगा।
ग्राम सभा में ग्रामीणों ने कहा कि खनन कार्य शुरू होने से गांव के पर्यावरण, जलस्रोत और खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ सकता है। खनन से निकलने वाली धूल और प्रदूषण के साथ भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि विकास के नाम पर गांव की जमीन, प्राकृतिक संसाधनों और लोगों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रस्तावित खनन क्षेत्र के समीप विद्यालय होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि भारी वाहनों की आवाजाही और खनन गतिविधियों से स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है।
ग्राम सभा में बताया गया कि ग्रामीण पूर्व में ही जिला प्रशासन को लिखित रूप से अपनी आपत्ति से अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद खनन पट्टा की प्रक्रिया आगे बढ़ने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रस्तावित स्थल का तत्काल निरीक्षण कराने और ग्राम सभा के निर्णय का सम्मान करते हुए खनन पट्टा की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। बैठक में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण शामिल हुए और गांव की जमीन, पर्यावरण, कृषि तथा बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।

