Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » चीन की 36 कंपनियों को अमेरिका ने ब्लैक लिस्ट में डाला, बाइडेन प्रशासन ने क्यों बताया खतरा?
    Breaking News Business Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    चीन की 36 कंपनियों को अमेरिका ने ब्लैक लिस्ट में डाला, बाइडेन प्रशासन ने क्यों बताया खतरा?

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 17, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    वाशिंगटन. अमेरिकी बाइडेन प्रशासन ने चीन की सरकार को एक और बड़ा झटका दिया है. यूएस कॉमर्स डिपार्टमेंट ने चीन की उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र की 36 कंपनियों को निर्यात नियंत्रण वाली काली सूची में डाला है. अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा, अमेरिकी हितों और मानवाधिकारों पर चिंता जताते हुए यह कदम उठाया है. इन कंपनियों में विमानन उपकरण, रसायन और कंप्यूटर चिप विनिर्माता शामिल हैं.

     

    किसी कंपनी को व्यापार एन्टिटी लिस्ट में शामिल करने का मतलब है कि उनके साथ व्यापार करने वाली किसी भी अमेरिकी कंपनी के निर्यात लाइसेंस को रद्द कर दिया जाएगा. माना जा रहा है कि चीन की सेना को अत्याधुनिक कंप्यूटर चिप और हाइपरसोनिक हथियारों जैसी उन्नत तकनीकों को हासिल करने से रोकने के लिए ये प्रतिबंध लगाए गए हैं. जिन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनकी सूची शुक्रवार को प्रकाशित हुई.

     

     

    चाइनीज टेक्नोलॉजी के खिलाफ यूएस की कार्रवाई जारी

    चाइनीज टेक्नोलॉजी के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़ी यह नई कार्रवाई है. इसकी शुरुआत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में हुई और प्रेसिडेंट जो बिडेन के प्रशासन में भी यह सिलसिला जारी है. वहीं, बाइडेन प्रशासन सेमीकंडक्टर और अन्य उन्नत तकनीकों के लिए अमेरिकी विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आगे बढ़ रहा है.

     

     

    पहले भी कई कंपनियों पर लग चुका है बैन

    इससे पहले अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए चीनी दूरसंचार उपकरणों पर प्रतिबंध लगा दिया था. इनमें Huawei, ZTE समेत पांच चीनी कंपनियों द्वारा बनाए गए संचार उपकरणों की बिक्री पर बैन शामिल है. बाइडेन प्रशासन ने कहा कि ये चीनी उपकरण अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अस्वीकार्य जोखिम पैदा करते हैं.

     

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी नियुक्तियां रद्द, फैसले को चुनौती देने की तैयारी में सरकार
    Next Article राजस्थान में सीएम फेस पर माथापच्ची, वसुंधरा राजे बोलीं- जो भी फैसला होगा वो ठीक ही होगा

    Related Posts

    14 सूत्री मांगों को लेकर गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स के गेट पर ग्रामीणों का हंगामा

    June 22, 2026

    मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 का आगाज, 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

    June 22, 2026

    गोविंदपुर में भीषण सड़क हादसा: हाइवा की टक्कर से बाइक सवार की मौत, एक गंभीर घायल

    June 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    14 सूत्री मांगों को लेकर गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स के गेट पर ग्रामीणों का हंगामा

    मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 का आगाज, 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

    गोविंदपुर में भीषण सड़क हादसा: हाइवा की टक्कर से बाइक सवार की मौत, एक गंभीर घायल

    पानी की समस्या: चैनत में आंदोलन, जातिवाद की चुनौती

    NEET UG पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा: 30+ गिरफ्तार, बड़ा खुलासा

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: निष्पक्ष जांच की मांग तेज

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    एकल व्याख्यान: भारतीय ज्ञान मीमांसा के विविध आयाम

    अंबरनाथ पुलिस मानवीय चेहरा: NEET छात्रा का भविष्य संवारा

    पेट्रोल की गुणवत्ता जांच की मांग को लेकर जदयू ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.