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    Home » छात्र तनवीर की मौत ने फिर उठाया सवाल, चैकडैम और नदी घाटों पर सुरक्षा इंतजाम कब?
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    छात्र तनवीर की मौत ने फिर उठाया सवाल, चैकडैम और नदी घाटों पर सुरक्षा इंतजाम कब?

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 7, 2026No Comments2 Mins Read
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    चार दिन चला शव की तलाश का अभियान
    दोमुहानी में मिला एनआईटी छात्र का शव

    राष्ट्र संवाद संवाददाता, आदित्यपुर

    आरआईटी थाना क्षेत्र के आसंगी स्थित खरकई नदी चेकडैम में रविवार को लापता एनआईटी जमशेदपुर के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र मीर तनवीर हसन का शव गुरुवार को सोनारी दोमुहानी से बरामद हुआ। चार दिनों तक चले एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों के संयुक्त अभियान के बाद शव मिलने से परिजनों, शिक्षकों और विद्यार्थियों में शोक व्याप्त है।

    पश्चिम बंगाल के बर्धमान निवासी तनवीर साथियों के साथ आसंगी चेकडैम पहुंचे थे और नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए। घटना ने एक बार फिर जिले के नदी घाटों, चेकडैम और जलाशयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे संवेदनशील जलक्षेत्रों में खतरे के संकेतक, गहराई की जानकारी, चेतावनी बोर्ड और प्रतिबंधित क्षेत्रों की स्पष्ट पहचान क्यों नहीं सुनिश्चित की जाती?

    स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशासन को सभी चेकडैम और नदी घाटों का सुरक्षा ऑडिट कराना चाहिए। संवेदनशील स्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, रेस्क्यू उपकरण और निगरानी व्यवस्था विकसित करने के साथ नियमित गश्त भी जरूरी है। खासकर अवकाश के दिनों में अतिरिक्त सुरक्षा बल और प्रशिक्षित गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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