लेखक: राष्ट्र संवाद ब्यूरो
फुलवरीया में AISF की सदस्यता अभियान ने मंगलवार को जोर पकड़ा जब बड़ी संख्या में स्थानीय छात्रों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान छात्रों ने बिहार और केंद्र सरकार के समक्ष रोजगार एवं सरकारी नौकरी की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के बैनर तले चले इस अभियान ने क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया है।
फुलवरीया में AISF की सदस्यता अभियान: मुख्य बातें
ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन का चला सदस्यता अभियान के दौरान काई छात्रों ने ली सदस्यता इस मौके पर संचालन मोहम्मद शहबाज ने किया लेने के बाद छात्रों ने कहा हम तमाम छात्र छात्राएं पढ़ते लिखते हैं हम तमाम को सरकारी नौकरी मिलें या अछा काम भारत और बिहार सरकार दें ताकी पैशा कमा सके ताकी बिहार और भारत काफी आगे बढ़ सके
AISF नेताओं का बयान: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान संघर्ष
इस दौरान AISF के जिला सचिव मोहम्मद हसमत उर्फ बालाजी एवं AISF तेघरा प्रखंड अध्यक्ष मोहम्मद तौसीफ ने कहा AISF की स्थापना उत्तर प्रदेश में 1936 में हुई थी उस दौरान भारत गुलाम था हमारा भारत आजाद हो इनके लिए देश के लोग लड़ रहेंथें इसी दौरान AISF के लोग भी लड़ाई लड़ रहे थें तब हिन्दुस्तान 1947 में आजाद हुआ वर्तमान भारत सरकार और बिहार सरकार भारत के लोगों को नौकरी और रोजगार देना चाहिए लेकिन नहीं दे रहे हैं इस सरकार के खिलाफ AISF के लोग लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हो चुके हैं इसलिए हो चुके हैं देश और राज्य के लोगों को नौकरी और अछा काम देना चाहिए
उपस्थित प्रमुख सदस्य
इस मौके पर मोहम्मद फहीम आबू रेहान, मोहम्मद तौहीद, राहुल कुमार, अमन कुमार, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद समीर, मोहम्मद शकीर, मोहम्मद इर्शाद, मोहम्मद शहबाज, काली मुल्ला, मोहम्मद मसूद इनके अलावा और लोग थें
बेरोजगारी के खिलाफ छात्रों का हल्ला बोल
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पढ़-लिखकर डिग्रियां हासिल कर रहे हैं, लेकिन रोजगार के अवसर न के बराबर हैं। सरकारी नौकरी और अच्छा काम मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है। AISF नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार युवाओं की अनदेखी करती रही तो संगठन सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज करेगा। इस सदस्यता अभियान को आगामी दिनों में जिले के अन्य प्रखंडों में भी विस्तारित करने की योजना है। अधिक जानकारी के लिए बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

