
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
पंजाब के पटियाला जिले में कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार जनरल कोच में लगी भीषण आग की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना राजपुरा के समीप शुक्रवार को घटित हुई, जब अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी की ओर जाने वाली ट्रेन संख्या 12508 अपने गंतव्य की ओर अग्रसर थी। जैसे ही आग की लपटें दिखाई दीं, यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार जनरल कोच में लगी भीषण आग से दहशत
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी लपटें पांचवें कोच तक जा पहुंचीं। सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई थी, लेकिन गनीमत रही कि ट्रेन रुकने के बाद सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। फिलहाल, किसी के भी हताहत या घायल होने की कोई सूचना नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया ताकि आग को अन्य डिब्बों तक फैलने से रोका जा सके। अंबाला मंडल के अधिकारी भी तुरंत सक्रिय हुए और स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।
राहत और बचाव कार्य की जानकारी
आपातकालीन स्थिति को देखते हुए अंबाला से दोपहर 1:20 बजे मेडिकल राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण (ARME) को तत्काल प्रभाव से रवाना किया गया। अंबाला मंडल के डीआरएम विनोद कुमार भाटिया ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और नुकसान का आकलन किया।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे ने भारतीय रेल की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में आग लगने के समय अलार्म या सुरक्षा उपकरणों के प्रति अधिक सतर्कता की आवश्यकता थी। लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा को लेकर अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।
- घटना का समय: शुक्रवार दोपहर
- स्थान: राजपुरा, पटियाला, पंजाब
- ट्रेन का नाम: कर्मभूमि एक्सप्रेस (12508)
- प्रभावित डिब्बे: चार जनरल कोच
- हताहत: शून्य
रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है ताकि वे अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इस पूरे मामले में लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल, क्षेत्र में यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं और रेलवे ट्रैक की गहन जांच की जा रही है।

