नई दिल्ली. जापान में होने वाले पैरा एशियन गेम्स से पहले भारतीय पैरा शूटिंग के चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कुछ पैरा निशानेबाजों ने चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के महानिदेशक से मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है.
शूटर्स का आरोप है कि उनसे सरकारी पुरस्कार राशि में 20 फीसदी हिस्सा कमीशन के रूप में देने की मांग की गई. इसके अलावा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय कोटा, क्वालीफाइंग स्कोर और चयन प्रक्रिया में कथित हेरफेर के भी आरोप लगाए हैं.
इनाम की रकम में 20% हिस्से का दावा
शूटर्स की शिकायत के मुताबिक, कुछ अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर खिलाड़ियों पर यह दबाव बनाया गया कि अगर वे प्रतियोगिता में पदक जीतते हैं और सरकार से नकद पुरस्कार मिलता है तो उसका 20 फीसदी हिस्सा देना होगा.
शिकायत में पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) और उसकी शूटिंग टेक्निकल कमेटी (STC) से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच अभी बाकी है.
कोटा और स्कोर में गड़बड़ी का भी आरोप
खिलाड़ियों ने दावा किया है कि भारतीय दल के लिए उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय कोटा स्थानों में से कुछ का इस्तेमाल नहीं किया गया. उनका आरोप है कि जिन खिलाड़ियों ने कथित वित्तीय मांगों को मानने से इनकार किया, उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ा.
शिकायत में वाइल्ड कार्ड और कोटा स्थानों के आवंटन में खिलाड़ियों की रैंकिंग तथा प्रदर्शन के बजाय दूसरे आधारों को प्राथमिकता देने का भी आरोप लगाया गया है.
एशिया रैंकिंग को लेकर संदीप कुमार ने उठाए सवाल
P4 50 मीटर फ्री पिस्टल SH1 में एशिया रैंकिंग में तीसरे स्थान पर बताए जा रहे संदीप कुमार ने अपने चयन नहीं होने पर सवाल उठाए हैं.
संदीप का दावा है कि एशिया रैंकिंग में उनसे नीचे मौजूद रुद्राक्ष खंडेलवाल को टीम में जगह दी गई, जबकि एशिया के शीर्ष निशानेबाज आकाश और उन्हें टीम से बाहर रखा गया. उन्होंने इसे चयन मानकों और निष्पक्षता से जुड़ा मामला बताते हुए जांच की मांग की है.
PCI ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, PCI अध्यक्ष और दो बार के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया ने खिलाड़ियों के आरोपों को खारिज किया है.
झाझरिया के अनुसार, भारतीय पैरा एशियन गेम्स टीम का चयन तय मानदंडों और खेल मंत्रालय की गाइडलाइंस के अनुसार किया गया है. उन्होंने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और मेरिट आधारित बताया है.
स्वतंत्र जांच की मांग
शूटर्स ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड, क्वालीफाइंग स्कोर, कोटा आवंटन और चयन समिति के फैसलों की जांच होनी चाहिए.
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो चयन प्रक्रिया और उससे जुड़े फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं. वहीं PCI की ओर से आरोपों को खारिज किए जाने के बाद अब विवाद का केंद्र स्वतंत्र जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड की पड़ताल बन गया है.
अक्टूबर में जापान में होंगे पैरा एशियन गेम्स
आइची-नागोया में आयोजित होने वाले पैरा एशियन गेम्स 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित हैं. प्रतियोगिता से पहले भारतीय पैरा शूटिंग टीम के चयन को लेकर उठे विवाद ने खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता और प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर बहस तेज कर दी है.

