राष्ट्र संवाद संवाददाता जादूगोड़ा
यूसील कर्मचारी सहकारिता उपभोक्ता भंडार, जादूगोड़ा में वेतन संकट गहरा गया है। लगभग 6 कर्मियों को मार्च 2026 से मई 2026 तक 3 महीने का वेतन नहीं मिला। मजबूर होकर कर्मियों ने दो दिन से हड़ताल शुरू कर दी और यूसील टाउनशिप के सैकड़ों परिवारों को गैस की आपूर्ति भी
बाधित हो सकती हे।
मजदूरों का दर्द: दवा-रोटी को भी मोहताज
हड़ताली कर्मियों का कहना है कि 3 महीने से एक रुपया नहीं मिला। स्थिति इतनी खराब है कि बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हुई और कई बच्चों की पढ़ाई छूटने की नौबत है। घर में राशन खत्म है और बीमार परिजनों की दवाएं नहीं खरीद पा रहे।
एक कर्मी ने बताया: “साहब, त्योहार-त्यवहार सब फीका हो गया। घरवाली पूछती है कि चूल्हा कैसे जलेगा। नवंबर से उधार मांग-मांग कर चल रहे हैं, अब दुकानदार भी उधार नहीं देता।”
महिला कर्मी ने कहा: “न्यूनतम मजदूरी तो दूर, मेहनत का पैसा भी नहीं मिल रहा। कई साल से वेतन बढ़ोतरी नहीं हुई। क्या हम इंसान नहीं हैं?”
यहां पर काम करने वाले अन्य कर्मी है सपन बारीक, एमके बारीक, मिहिर मुंडा, अनूप कुमार
,मंटू आचार्य,ओर बसंती सिंह ।
प्रबंधन पर गंभीर आरोप
कर्मियों ने अध्यक्ष इम्तियाज अहमद, सचिव मंगल बनंकीरा,ओर कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार मुंडा पर शोषण पर आरोप लगाया। कर्मियों का कहना है कि स्टोर की हालत लगातार खराब हो रही है, मगर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई बार लिखित शिकायत दी, मगर कार्रवाई नहीं हुई।
सिर्फ वेतन नहीं, ये भी समस्या
*1. व्यापारियों का बकाया*: परसुडीह बाजार समिति के व्यापारी पवन नरेडी का स्टोर पर 4 लाख रुपये बकाया है। 4साल से भुगतान अटका है। नरेडी ने भी नोटिस भेजा है।
*2. घटता कारोबार*: शिवकुमार जैसे कर्मियों को काम से बैठा दिया गया, जिससे स्टोर में नाराजगी है।
प्रशासन ने क्या कहा
मामला बढ़ने पर यूसील के डीजीएम पर्सनल राकेश कुमार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई और कर्मियों का बकाया भुगतान कराया जाएगा।
को-ऑपरेटिव स्टोर क्यों डूब रहे
विशेषज्ञ मानते हैं कि ज्यादातर सहकारी भंडार पेशेवर प्रबंधन की कमी, पारदर्शिता न होने और समय पर ऑडिट न कराने से घाटे में जाते हैं। इसका सीधा नुकसान कर्मचारियों को उठाना पड़ता है। जादूगोड़ा की घटना उसी सिस्टम फेलियर की मिसाल है।
परसुडीह बाजार समिति के कारोबारी पवन नरेड़ी का कहना है कि 4 सालों से मेरा ₹400000 का भुगतान नहीं हुआ है इस मामले को लेकर यूसिल प्रबंधन को नोटिस भी किया गया है अब जल्द ही जादूगोड़ा थाना में यूसील के अधिकारी और कॉपरेटिव के सदस्यों पर मामला दर्ज किया जाएगा।

