फ्लाई ऐश डंपिंग से आदिवासी किसानों की फसल तबाह, टाटा पावर पर गंभीर आरोप
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्राम पंचायत हुरलुग़ अंतर्गत वार्ड संख्या 9 में आदिवासी किसान परिवार एक गंभीर पर्यावरणीय आपदा का शिकार हो गए हैं। आरोप है कि टाटा पावर कंपनी द्वारा कुछ अज्ञात भू-माफिया तत्वों के साथ मिलकर किसानों की रैयती खेती में अवैध रूप से फ्लाई ऐश (Fly Ash) डंप किया गया, जिससे फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।

जिला भाजपा के पूर्व प्रवक्ता सह स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अंकित आनंद द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में हुई वर्षा के चलते फ्लाई ऐश खेतों में फैल गया और धीरे-धीरे यह कचरे के परत के रूप में जम गया। इससे खेतों की उर्वरता नष्ट हो गई और फसल पूरी तरह से खराब हो गई। यह स्थिति आदिवासी किसानों के लिए आर्थिक और सामाजिक संकट उत्पन्न कर रही है।

उन्होंने जिला प्रशासन, उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम और जमशेदपुर एसएसपी से आग्रह किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक जिला स्तरीय संयुक्त समिति का गठन किया जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो। साथ ही प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा राशि से राहत प्रदान की जाए। उन्होंने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के साथ शिल्पी नेहा तिर्की और दीपिका पांडे को भी इस गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान दिलाते हुए त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।

औद्योगिक घराना द्वारा फ्लाई ऐश जैसी औद्योगिक अपशिष्ट सामग्री का अनियंत्रित निस्तारण न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि किसानों की आजीविका पर भी सीधा हमला है। प्रशासन को ऐसे मामलों में तत्परता से कार्रवाई कर मिसाल पेश करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी कंपनी को ग्रामीण जीवन से खिलवाड़ करने का अवसर न मिल सके।


