गिरिडीह वेंकटेश्वर प्लांट में दर्दनाक हादसा, हाईवा की चपेट में आने से कर्मी की मौत
राष्ट्र संवाद संवादाता
20 वर्षों से प्लांट में कार्यरत थे राज किशोर सिन्हा, परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यशैली पर उठाए सवाल, मुआवजे व निष्पक्ष जांच की मांग
गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चाइना मोड़ स्थित वेंकटेश्वर प्लांट में सोमवार की देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे में प्लांट कर्मी 45 वर्षीय राज किशोर सिन्हा की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक धनबाद जिले के निरसा के निवासी थे और पिछले करीब 20 वर्षों से प्लांट में कार्यरत थे। वे फैक्ट्री परिसर के कुटिया मंदिर स्थित गेस्ट हाउस में रहते थे।
जानकारी के अनुसार देर रात प्लांट में रेक से माल खाली कराने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान राज किशोर सिन्हा टॉर्च की रोशनी से हाईवा चालक को वाहन साइड कराने का संकेत दे रहे थे। तभी अचानक हाईवा की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया।
घटना के बाद मृतक के परिजनों और प्लांट कर्मियों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इतने बड़े औद्योगिक परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ। परिजनों का आरोप है कि यदि कार्यस्थल पर समुचित रोशनी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते तो इस दुर्घटना से बचा जा सकता था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद प्लांट कर्मियों ने शव को बोरे में भरकर सदर अस्पताल पहुंचाया, जिसे उन्होंने बेहद अमानवीय और असंवेदनशील व्यवहार बताया। इस घटना से मृतक के परिजनों में गहरा आक्रोश है।
घटना की सूचना मिलते ही बार एसोसिएशन के महासचिव एवं भाजपा नेता चुन्नू कांत सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी तथा फैक्ट्री प्रबंधन से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं माले नेता राजेश सिन्हा ने भी अस्पताल पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और फैक्ट्री प्रबंधन से उचित मुआवजा देने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मृतक के भांजे आयुष रंजन ने पूरे घटनाक्रम में प्लांट प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। इधर, मुफस्सिल थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

