Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » डंपिंग साइट में धधकी आग से जहरीला धुआं, औद्योगिक और रिहायशी इलाकों पर संकट
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    डंपिंग साइट में धधकी आग से जहरीला धुआं, औद्योगिक और रिहायशी इलाकों पर संकट

    Aman OjhaBy Aman OjhaFebruary 18, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ, कोल्हान)

     

    सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सिटी सेंटर के लिए चिन्हित कर जमीन पर पिछले दो वर्षों से नगर निगम द्वारा शहर का ठोस कचरा डंप किया जा रहा है। अब इसी डंपिंग साइट में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के रिहायशी इलाकों में जहरीला धुआं फैल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार मिश्रित ठोस अपशिष्ट, जिसमें प्लास्टिक, रबर, केमिकल अवशेष और जैविक कचरा शामिल होता है, में आग लगने पर कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और डाइऑक्सिन जैसे खतरनाक तत्व उत्सर्जित होते हैं। ये जहरीली गैसें श्वसन तंत्र पर गंभीर प्रभाव डालती हैं और लंबे समय तक संपर्क में रहने से फेफड़ों की बीमारी, एलर्जी और दमा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। स्थानीय फैक्ट्री मालिकों और मजदूरों का कहना है कि लगातार उठते धुएं से उत्पादन कार्य प्रभावित हो रहा है। कई श्रमिक बीमार पड़ रहे हैं, जबकि कुछ ने क्षेत्र छोड़ना भी शुरू कर दिया है। इससे औद्योगिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आरोप है कि दमकल की गाड़ियां पानी का छिड़काव तो कर रही हैं, लेकिन आग पर स्थायी नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक उपाय—जैसे कचरे की परतों को अलग करना, मिट्टी से ढंकना और गैस वेंटिंग की व्यवस्था—नहीं अपनाए जा रहे हैं। उद्यमियों ने संबंधित विभागों से कई बार शिकायत की, पर अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते समुचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्रभावी फायर कंट्रोल योजना लागू नहीं की गई, तो यह स्थिति और भी गंभीर रूप ले सकती है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसर्विस रोड किनारे झोपड़ी में आग, कचरा बीनने वाली महिला का आशियाना जलकर राख
    Next Article तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार मजदूर को मारी टक्कर, चालक फरार।

    Related Posts

    पानी को दूषित किए जाने से और पेड़ काटे जाने से ग्रामीणों में नाराजगी

    June 17, 2026

    गम्हरिया के प्रतिष्ठित व्यवसायी अनिल सिन्हा की पत्नी का निधन

    June 17, 2026

    भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी पर पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं दीप यज्ञ आयोजित 

    June 17, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    पानी को दूषित किए जाने से और पेड़ काटे जाने से ग्रामीणों में नाराजगी

    गम्हरिया के प्रतिष्ठित व्यवसायी अनिल सिन्हा की पत्नी का निधन

    भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी पर पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं दीप यज्ञ आयोजित 

    राजकीय पॉलिटेक्निक आदित्यपुर में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन

    महुआ शराब को लेकर विवाद में युवक की मौत, एक पर हत्या का आरोप

    प्रिया ड्रीम सिटी में जमीन घोटाले का आरोप, खरीदारों ने बिल्डर पर लगाया डबल रजिस्ट्री का गंभीर आरोप

    कार्तिक उरांव सर्विस स्टेशन में ऑनलाइन सीएनजी स्टेशन का शुभारंभ

    ईचागढ़ थाना परिसर में मुहर्रम को लेकर हुई शांति समिति की बैठक 

    बोलानी ठीका मजदूर संघ ने सेल प्रशासन को माँग पत्र सुपुर्द कर ठेकाकंपनी के दादागिरी पर रोक लगानै की माँग की

    फुलडुंगरी में भागमति सेवा सदन का हुआ उद्घाटन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.