शिक्षा की गुणात्मकता को बनाये रखने के लिए आवश्यक है कि शिक्षक भी प्रतिदिन सीखने के लिए इच्छुक और सक्रिय रहें :अध्यक्ष राम बचन
तीन दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम।
राष्ट्र संवाद संवाददाता
उच्च शिक्षा के बदलते मापदंड और मानदंड को ध्यान में रखते हुए नैक की नवीन प्रक्रिया को जानना और समझना हर संस्थान के लिए अपरिहार्य विषय बन गया है । इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए रंभा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन और विवेकानंद कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के संयुक्त तत्वाधान में ऑनलाइन फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के तौर पर उत्कल यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर और आई क्यू ए सी कोऑर्डिनेटर डॉक्टर रूद्र नारायण महापात्र जी जुड़े हुए थे। इन्होंने नई शिक्षा नीति , नैक और उसके दस क्राइटेरियन, भारतीय ज्ञान परंपरा ,शोध कार्य, मूल्यों पर आधारित शिक्षण, फैकल्टी एक्सचेंज इन सभी महत्वपूर्ण विषयों पर पीपीटी के माध्यम से विशद जानकारी दी। Pयह तीन दिवसीय कार्यक्रम 26 जून से 28 जून तक प्रतिदिन डेढ़ घंटे के लिए गूगल मीट पर आयोजित किया गया।

इसमें कुल 15 विश्वविद्यालय के फैकल्टी ने भाग लिया । यह कार्यक्रम फैकल्टी, शोधार्थी और विद्यार्थी तीनों के लिए लाभदायक था । इस ऑनलाइन कार्यक्रम में कुल एक सौ बीस सदस्य जुड़े थे। सभी सदस्यों को ऑनलाइन प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा। अध्यक्ष रामबचन जी ने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणात्मकता को बनाये रखने के लिए आवश्यक है कि शिक्षक भी प्रतिदिन सीखने के लिए इच्छुक और सक्रिय रहें। सचिव गौरव बचन ने इस तरह संयुक्त रूप से शिक्षण और आयोजन की प्रकिया की सराहना की। स्वागत वक्तव्य दिया डॉक्टर सुमन लता ने। रिसोर्स पर्सन का परिचय साझा किया स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्रिंसिपल डॉक्टर शुभ्रा पालित ने।

धन्यवाद ज्ञापन दिया रंभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन की डाॅ गंगा भोला ने और स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन के संजीव कुमार तिवारी जी ने। तकनीकी सहयोग दिया व्याख्याता सूरज कुमार और सहयोगी मुकेश मिश्रा जी ने।स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन के अध्यक्ष सुब्रतो विश्वास जी ने भी इस सार्थक प्रयास हेतु सभी को शुभकामनायें प्रेषित की । इस एफ डी पी में दोनों काॅलेज के प्रबंधन समिति के सदस्य और सभी फैकल्टी जुड़े थे। इस ऑनलाइन कार्यक्रम की संयोजक थी रंभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्रिंसिपल डॉक्टर कल्याणी कबीर।

