लेखक: इंद्र यादव
वसई-विरार में देह व्यापार का भंडाफोड़: पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मुंबई/वसई-विरार: वसई-विरार पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नायगांव क्षेत्र में देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी स्पा सेंटरों में काम करने वाली युवतियों को बहला-फुसलाकर जिस्मफरोशी के धंधे में धकेलने का काम करती थी। यह कार्रवाई मानव तस्करी और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस के अथक प्रयासों का परिणाम है। [INTERNAL_LINK_HOLDER]
गुप्त सूचना पर कार्रवाई और रेस्क्यू
गुप्त सूचना के आधार पर महिला अत्याचार प्रतिबंधक एवं विशेष बाल संरक्षण इकाई की सीनियर पीआई शीतल मुंढे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे स्थित काठियावाड़ी ढाबे के पास बोगस ग्राहक के जरिए जाल बिछाया। सौदा तय होते ही पुलिस ने छापा मारकर महिला एजेंट को गिरफ्तार कर लिया तथा दो पीड़ित युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह अभियान बेहद सटीक और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया, जिससे निर्दोष युवतियों को इस दलदल से बाहर निकाला जा सका।
पुलिस के अनुसार आरोपी मुंबई, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों के स्पा सेंटरों में काम करने वाली लड़कियों को ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करती थी। इस गिरोह का नेटवर्क काफी फैला हुआ था, जो विभिन्न स्थानों से युवतियों को इस धंधे में धकेल रहा था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
मामले में बीएनएस की धारा 143(3) तथा पीटा (PITA) एक्ट की धारा 4 और 5 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीटा एक्ट भारत में अनैतिक देह व्यापार की रोकथाम के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। रेस्क्यू की गई युवतियों को महिला सुधारगृह भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जहां उन्हें सुरक्षित माहौल और पुनर्वास की सुविधा मिलेगी।
पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके। यह कार्रवाई डीसीपी संदीप डोईफोडे और एसीपी मदन बल्लाल के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस ने कहा कि मानव तस्करी और देह व्यापार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा, जिससे समाज को ऐसे अपराधों से मुक्ति मिल सके और महिलाओं व युवतियों को सुरक्षित जीवन मिल सके।

