गुरुजी से विश्वासघात करने वाले झारखंडी अस्मिता की बात नहीं कर सकते — कुणाल षड़ंगी
चंपई सोरेन पर कुणाल षड़ंगी का तीखा प्रहार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
झामुमो के कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व विधायक कुणाल षड़ंगी ने स्व. गुरुजी शिबू सोरेन और स्व. रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “गुरुजी अमर रहें” के नारे केवल भावनाओं का नहीं, बल्कि विचारधारा की निरंतरता का प्रतीक हैं।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्होंने गुरुजी के सानिध्य में राजनीति सीखी, वही उनके अंतिम समय में उनसे मिलने तक नहीं गए — यह झारखंड आंदोलन की आत्मा के साथ विश्वासघात है।
षड़ंगी ने सवाल उठाया — “जो अपने राजनीतिक गुरु के प्रति वफादार नहीं रहा, वह झारखंड और झारखंडियों की अस्मिता की बात किस मुंह से कर सकता है?”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे उपचुनाव तक पूरी निष्ठा से संगठन के साथ रहें और यही स्व. गुरुजी और स्व. रामदास सोरेन को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

