Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मुर्शिदाबाद से प्रारम्भ हुई यह भीषण हिंसा अब संपूर्ण बंगाल में , हिंदू संगठन आक्रोशित
    Breaking News Headlines जमशेदपुर झारखंड

    मुर्शिदाबाद से प्रारम्भ हुई यह भीषण हिंसा अब संपूर्ण बंगाल में , हिंदू संगठन आक्रोशित

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 19, 2025No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    मुर्शिदाबाद से प्रारम्भ हुई यह भीषण हिंसा अब संपूर्ण बंगाल में , हिंदू संगठन आक्रोशित

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    वक्फ कानून के विरोध की आड़ में संपूर्ण बंगाल को जिस प्रकार हिंसा की आग में जलाया जा रहा है, हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, राष्ट्र विरोधी और हिंदू विरोधी तत्वों को निर्बाध रूप से अपने षडयंत्रों को क्रियान्वित करने की खुली छूट दी जा रही है, उससे स्पष्ट लगता है कि बंगाल की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है। मुर्शिदाबाद से प्रारम्भ हुई यह भीषण हिंसा अब संपूर्ण बंगाल में फैलती हुई दिखाई दे रही है। शासकीय तंत्र दंगाइयों के सामने केवल निष्क्रिय ही नहीं अपितु कई स्थानों पर इनका सहायक या प्रेरक बन गया है। इससे पहले कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाए, केंद्र सरकार को प्रशासन का नियंत्रण व संचालन अपने हाथ में लेकर राष्ट्र विरोधी व हिंदू विरोधी तत्वों को उनके कुकर्मों के लिए कठोरता सजा दिलवानी चाहिए।

    मुस्लिम भीड़ द्वारा 11 अप्रैल, 2025 को वक्फ कानून के विरोध के नाम पर किया गया हिंसक प्रदर्शन कानून बनाने वाली सरकार के विरोध में नहीं अपितु हिंदुओं पर हिंसक आक्रमण के रूप में था जबकि हिंदू समाज का इस कानून के निर्माण में कोई भूमिका नहीं थी और यह एक शुद्ध संवैधानिक प्रक्रिया थी । इसका स्पष्ट अर्थ है कि वक्फ तो केवल बहाना था, असली उद्देश्य मुर्शिदाबाद को हिंदू शून्य बनाना था। इस उन्मादी जिहादी भीड़ ने हिंदुओं के 200 से अधिक घरों और व्यावसायिक दुकानों को लूटकर जलाया, सैकड़ो हिंदुओं को बुरी तरह घायल किया व तीन नागरिकों की निर्मम हत्या की गई। दर्जनों महिलाओं के शीलभंग भी किए गए। परिणाम स्वरूप 500 से अधिक हिंदू परिवारों को मुर्शिदाबाद से पलायन करना पड़ा ।
    उनके पास जाकर उनकी चिंता एवं सहायता करने की अपेक्षा सुश्री ममता बनर्जी दंगा भड़काने वाले इमामो से मिल रही है जिनमें से एक इमाम ने एक दिन पहले ही धमकी दी थी कि “अगर ममता बनर्जी ने उनका साथ नहीं दिया तो वह उसकी औकात बता देंगे।” अब ये सारे तथ्य सामने आने पर यह समाचार मिल रहा है कि ममता जी अब शरणार्थियों को सुविधा देने की जगह उनको वापस जेहादियों के सामने जबरन परोसने का षड्यंत्र कर रही है।
    आज की बंगाल की स्थिति से यह स्पष्ट है कि
    1.ममता सरकार भारत के संघीय ढांचे को बंगाल में ध्वस्त कर अपनी सरकार और वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है। 2.बंगाल में राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में आ चुकी है। बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को निर्बाध रूप से आने दिया जा रहा है। उनके आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। पाकिस्तानी तथा बांग्लादेशी आतंकी संगठनों की सक्रियता बढ़ती जा रही है ।
    3. हिंदुओं के प्रति हिंसा बढ़ती जा रही है और न्यायालय के आदेश पर ही हिंदू त्योहारों को अनुमति मिल पाती है । उनको सुरक्षा देने वाले अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाया जाता है।
    4. हिंदू का अस्तित्व खतरे में पड़ चुका है। कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से नष्ट हो चुकी है।तृणमूल के असामाजिक तत्व व जिहादी गुंडो के नियंत्रण व निर्देश पर ही प्रशासन काम करने के लिए विवश है ।

    आज यह हिंसा मुर्शिदाबाद से निकलकर संपूर्ण बंगाल में फैलती जा रही है। अब यह बंगाल तक भी सीमित नहीं रहेगी। इसलिए देश की जनता मांग करती है कि:
    1. बंगाल में अविलंब राष्ट्रपति शासन लगाया जाए ।
    2. बंगाल की हिंसा की जांच NIA के द्वारा करवाई जाए और दोषियों को अविलंब दंडित किया जाए ।
    3. बंगाल की कानून व्यवस्था का संचालन केंद्रीय सुरक्षा बलों के हाथों में दिया जाए।
    4. बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनको निष्कासित किया जाए। बंगाल व बांग्लादेश की 450 किलोमीटर की सीमा पर तार लगाने का काम अविलंब प्रारंभ किया जाए जिसे ममता बनर्जी ने रोका हुआ था।
    हमें विश्वास है की राष्ट्र की सार्वभौमिकता और साम्प्रदायिक सदभाव बनाये रखने के लिए आप अविलम्ब और त्वरित कार्यवाही करेंगी।

    उपायुक्त कार्यलय के समक्ष मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम और राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन देने मे विहिप जमशेदपुर मे रहने वाले प्राँत, विभाग, जिला और नगर से अरूण सिंह जी विभाग मंत्री, जिला मंत्री चंद्रिका भगत जी, जिला बजरंग दल संयोजक चंदन दास जी, बजरंग दल सहसंयोजक प्रवीण सिंह मौर्य , जिला उपाध्यक्ष सविता सिंह जी, जिला दुर्गा वाहिनी संयोजिका मन्नू श्री जी , जिला सह मंत्री उत्तम दास जी, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख प्रदीप सिंह जी, जिला कोषाध्यक्ष दीपक वर्मा जी, जिला सेवा प्रमुख जितेंद्र प्रमाणिक जी,समेत सैकड़ो कार्यकर्तागण उपस्थित हुए, इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,भाजपा से जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा, अभय सिंह, देवेंद्र सिंह, हिंदू जागरण मंच से बलबीर मंडल, जदयू से नीरज सिंह, रामनवमी समिति, अखाडा समिति, दुर्गा पूजा समिति के सैकड़ो सदस्यगण उपस्थित रहे ।।

    मुर्शिदाबाद से प्रारम्भ हुई यह भीषण हिंसा अब संपूर्ण बंगाल में हिंदू संगठन आक्रोशित
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleआग से बचाव ही जीवन रक्षक कवच है- श्री रामाशीष राम, घटशिला अग्निशमन पदाधिकारी
    Next Article अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व योगानंद पांडे ने हिट एंड फिट बैडमिंटन टूर्नामेंट सीजन 13 को जीतकर रचा इतिहास 

    Related Posts

    खरकई का जलस्तर खतरे के पार, निचले इलाकों में बढ़ी चिंता; स्वर्णरेखा पर भी नजर

    August 31, 2026

    ऑटो-टैक्सी चलाना हुआ और आसान: RTO के इन 16 मौखिक सवालों से चुटकियों में दूर होगा मराठी का डर

    August 31, 2026

    युवाचार्य महावीर कुमार बने तेरापंथ के नए उत्तराधिकारी, अध्यात्म जगत में नए युग का आगाज

    August 31, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    खरकई का जलस्तर खतरे के पार, निचले इलाकों में बढ़ी चिंता; स्वर्णरेखा पर भी नजर

    ऑटो-टैक्सी चलाना हुआ और आसान: RTO के इन 16 मौखिक सवालों से चुटकियों में दूर होगा मराठी का डर

    युवाचार्य महावीर कुमार बने तेरापंथ के नए उत्तराधिकारी, अध्यात्म जगत में नए युग का आगाज

    साइबर अंधेरे में आतंक का नया जाल

    गणिनाथ सेवा संस्थान ने आयोजित की विभिन्न प्रतियोगिताएं, सैकड़ों बच्चों व महिलाओं ने लिया हिस्सा

    टाटा संस की एजीएम पर दिसंबर तक फैसला टला*

    सरकारी भूमि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो 15 से भूख हड़ताल*

    खरकई खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर, आदित्यपुर में बाढ़ का खतरा बरकरार*

    दुर्गा पूजा का नोटिस लगाने पहुंचे मंदिर समिति के कैशियर पर हमला, एक गिरफ्तार

    सर्पदंश को लेकर गम्हरिया स्टेशन पर चलाया गया जागरूकता अभियान

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.