लेखक: इंद्र यादव
महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए RTO के इन 16 मौखिक सवालों पर आधारित एक सरल मौखिक टेस्ट लिया जाता है, जिससे मराठी भाषा का डर दूर होता है।
महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की जानकारी को लेकर सरकार और परिवहन विभाग के नियमों में स्पष्टता लाई गई है। बहुत से चालकों के मन में यह डर रहता है कि उन्हें मराठी का कोई बहुत कठिन व्याकरण या किताबी ज्ञान सीखना होगा। लेकिन परिवहन विभाग और सरकार ने साफ कर दिया है कि ड्राइवरों को किसी औपचारिक डिग्री या लंबी पढ़ाई की कोई जरूरत नहीं है।
ड्राइवरों को केवल उतनी मराठी आनी चाहिए जिससे वे अपने यात्रियों (सवारियों) के साथ रोजमर्रा की बातचीत आसानी से कर सकें। इसके लिए आरटीओ (RTO) द्वारा एक 16 सवालों वाला मौखिक (Oral) टेस्ट लिया जाता है, जिसमें यात्री से जुड़े आम बोलचाल के सवाल पूछे जाते हैं।
RTO के इन 16 मौखिक सवालों: विस्तृत सूची
आरटीओ टेस्ट में कैसे सवाल पूछे जाते हैं! हिंदी और मराठी में समझें
यात्रियों को गाड़ी में बैठाने से लेकर, उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचाने और किराया चुकाने तक, जो बातचीत होती है, वही इस टेस्ट का आधार है। यहाँ कुछ सबसे जरूरी सवाल और उनके जवाब दिए गए हैं!
- 1. यात्री के बैठने और मंजिल पूछने पर
हिंदी: हां, बैठो। कहां जाना है!
मराठी: होय, बसा। कुठे जायचंय (होय, बसा। कुठे जायचंय) - 2. रास्ते या जगह को समझने के लिए
हिंदी: वो जगह कहां है! या आगे रास्ता किधर है!
मराठी: तो कुठे आहे/ पुढे रस्ता किधर आहे! - 3. दिशा बदलने (दाएं-बाएं मुड़ने) के लिए
हिंदी: क्या दाएं मुड़ूं या बाएं मुड़ूं!
मराठी: उजवीकडे घेऊ! डावीकडे घेऊ! (उजवीकडे = दाएं, डावीकडे = बाएं) - 4. मीटर और किराए से जुड़े सवाल
हिंदी: मीटर चालू कर दिया है। कितना समय लगेगा!
मराठी: मीटर चालू केले आहे। / किती वेळ लागेल? - 5. सीएनजी या गैस भरवाने के समय
हिंदी: मुझे सीएनजी भरवानी है, थोड़ी देर रुकना पड़ेगा।
मराठी: मला सीएनजी भरायचे आहे. थोडे थांबावे लागेल. - 6. पेमेंट (कैश या ऑनलाइन) के लिए
हिंदी: खुले पैसे (सुट्टे) दीजिए, या ऑनलाइन पेमेंट कर दीजिए।
मराठी: सुट्टे द्या. / ऑनलाइन पेमेंट करा.
कुछ और बेहद जरूरी मराठी वाक्य, जो हर ड्राइवर को जुबानी याद होने चाहिए
रोजमर्रा के काम के दौरान ड्राइवरों को इन छोटे-छोटे वाक्यों की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है!
- हाँ, बैठ जाइए — होय, बसा
- मुझे घर जाना है — मला घरी जायचंय
- मुझे खाना खाना है — मला जेवायला जायचे आहे
- गाड़ी में गैस भरवानी है — मला गॅस भरायचंय
- ऑटो/टैक्सी ठीक करवानी है — मला रिक्षा/टॅक्सी दुरुस्त करायची आहे
- बरसात शुरू हो गई है — पाऊस सुरू झाला आहे
- ऑटो स्टैंड कहां है? — रिक्षा स्टँड कुठे आहे?
हिंदी और मराठी का फर्क: भ्रम दूर करें
चूंकि हिंदी और मराठी दोनों देवनागरी लिपि में लिखी जाती हैं, इसलिए कई लोगों को लगता है कि दोनों भाषाएं एक जैसी हैं। लिपि भले ही एक हो, लेकिन बोलने और शब्दों के इस्तेमाल में काफी अंतर होता है। जैसे, हिंदी में हम पूछते हैं — “कहां जा रहे हो” जबकि मराठी में कहा जाता है — “कुठे जात आहात” या शॉर्टकट में “कुठे जायचंय”। इसी तरह, हिंदी का “कितना” मराठी में “किती” बन जाता है। ड्राइवरों को इन व्याकरण की बारीकियों में उलझने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। उनका मुख्य उद्देश्य केवल इतना है कि यात्री जो कहे, वह समझ में आ जाए और ड्राइवर अपनी बात मराठी में समझा सके। अधिक जानकारी के लिए महाराष्ट्र परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
एक मजेदार पहलू: अब ड्राइवर भी करने लगे हैं इनका इस्तेमाल
दिलचस्प बात यह है कि आरटीओ के इस नियम और छोटी-छोटी कक्षाओं के बाद अब कई ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों ने फराटेदार मराठी में छोटी-छोटी बातें करना शुरू कर दिया है। कुछ चालाक ड्राइवर तो इन मराठी वाक्यों का इस्तेमाल करके सवारी लेने से मना भी करने लगे हैं — जैसे अगर उन्हें घर जाना हो, तो वे सीधे बोल देते हैं— “मला घरी जायचंय!” मुझे घर जाना है!
संक्षेप में कहें तो, डरने की कोई बात नहीं है। यदि आप बुनियादी बातचीत के 15-20 वाक्य और आरटीओ के सामान्य सवाल-जवाब समझ लेते हैं, तो यह मौखिक परीक्षा चुटकियों में पास हो जाएगी।
क्या आप इनमें से किसी खास रूट या शहर के आरटीओ नियमों के बारे में और अधिक विस्तार से जानना चाहते हैं!

