आपदा से न हो कोई जनहानि, जीरो टॉलरेंस पर हो काम : एसडीओ विकास राय
सुवर्णरेखा बांध विस्थापित क्षेत्र में जलस्तर नियंत्रित रखने का निर्देश, सभी विभागों को अलर्ट रहने की हिदायत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल : चांडिल अनुमंडल में प्राकृतिक आपदा हो या मानवजनित संकट, किसी भी स्थिति में जनहानि नहीं होनी चाहिए। सभी विभागीय पदाधिकारी शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति पर सामूहिक रूप से कार्य करें। उक्त बातें अनुमंडल पदाधिकारी विकास राय ने शुक्रवार को आयोजित अनुमंडल स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में कही।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीओ विकास राय ने जल संसाधन विभाग और सुवर्णरेखा परियोजना के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी लिहाजे में निर्देश दिए कि डैम में जलस्तर 179 मीटर से अधिक न होने दें। उन्होंने कहा कि अधिक जल भंडारण के बाद यदि रेडियल गेट खोलना पड़ा और समय पर लोगों को सूचना नहीं मिल पाई, जिससे जानमाल का नुकसान हुआ, तो जिम्मेदार पदाधिकारियों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सांसद प्रतिनिधि देवाशीष राय ने भी कहा कि जल भंडारण सीमा का उल्लंघन और लापरवाही के चलते यदि जनहानि होती है तो इसके लिए आपदा अधिनियम के तहत जल संसाधन विभाग पर प्राथमिकी दर्ज करने का प्रस्ताव लिया जाए। जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने विस्थापितों के लंबित मुआवजा भुगतान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों से मुआवजा नहीं मिला है नहीं किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है अविलंब लिफ्ट इरिगेशन की व्यवस्था किया जाय ताकि खेती पटवन हो सके वहीं कंपनियों को पानी दिया जा रहा है और विस्थापित डूब रहे हैं, यह सरासर अन्याय है।
पूर्व जिला परिषद सदस्य ओमप्रकाश लायक ने जानकारी दी कि विधायक सविता महतो के प्रयास से मुख्यमंत्री ने विस्थापितों के लंबित मुआवजा लिए 63 करोड़ और 13 करोड़ रुपये विभाग को दिए है। कार्तिक महतो ने जल संसाधन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझ कर 185 मीटर तक जल संग्रह कर विस्थापितों को क्षेत्र खाली करने पर मजबूर किया जा रहा है। ताकि डूब के डर से विस्थापित भागे.
एसडीओ ने बैठक में चांडिल बाजार बस स्टैंड की नाली की सफाई का निर्देश बीडीओ को दिया। साथ ही पहला रेलवे फाटक से दालग्राम जुड़िया तक 1000 से 1500 फीट लंबी नाली निर्माण की योजना बनाने को कहा। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और अन्य विभागीय प्रतिनिधियों से पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन मोबाइल नंबर जारी करने, पंचायत भवनों में पेयजल, खाद्य सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।
चांडिल, ईचागढ़ और कुकड़ू क्षेत्र के डूब प्रभावित मत्स्य जीवियों को बोट और राफ्टर की व्यवस्था रखने को कहा गया, ताकि आपात स्थिति में लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। एसडीओ ने कहा कि सभी अधिकारी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें।
मुख्य मंत्री ओर जल संसाधन मंत्री से मिली विधायक सविता महतो
विधायक सविता महतो चांडिल डैम के 116 गांवों के सम्पूर्ण पुनर्वास सुविधा ओर चांडिल बांध का जल स्तर 180 से नीचे भंडारण को लेकर मुख्यमंत्री ओर जल संसाधन मंत्री से मिली.

