सावन की मस्ती में डूबीं नगर की महिला साहित्यकाराएं गीत-संगीत, नृत्य और कजरी गायन के साथ मनाया “सावन मिलन समारोह”
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। सावन मास की रिमझिम फुहारों के बीच नगर की महिला साहित्यकारों, कलाकारों एवं संगीतप्रेमियों ने सावन महोत्सव की रंगीन छटा बिखेरी। सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन, संस्कार भारती, सहयोग द्वारा मानस सभागार में आयोजित “सावन मिलन समारोह” में शताधिक महिला प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में गीत, कविता, नृत्य और पारंपरिक कजरी की मनभावन प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। झूले पर झूलते हुए कजरी गायन और नृत्य ने सावन की सजीव अनुभूति कराई। सभी महिलाएं हरे रंग के परिधान में सजी-धजी उपस्थित थीं, जिससे वातावरण पूरी तरह सावनमय हो गया। समारोह में स्वादिष्ट व्यंजनों की विशेष व्यवस्था ने आयोजन की मिठास को और बढ़ा दिया। कार्यक्रम का संचालन माधवी उपाध्याय ने किया, स्वागत भाषण डॉ. प्रसेनजित तिवारी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रागिनी भूषण ने किया।

इस आयोजन की सफल संयोजनकर्ता रहीं—डॉ. वीणा पाण्डेय भारती, माधवी उपाध्याय, नीता सागर चौधरी एवं उपासना सिन्हा। इस अवसर पर डॉ. रागिणी भूषण, नीलिमा पाण्डेय, अरुणा भूषण शास्त्री, पूनम महानंद, शकुंतला शर्मा, नीलम पेड़ीवाल, डॉ. जूही समर्पिता, प्रतिभा प्रसाद ‘कुमकुम’, उमा पांडेय, सुस्मिता मिश्रा, रीना सिन्हा सहित लगभग 70 से अधिक महिला साहित्यकाराएं उपस्थित रहीं। सावन के पहले दिन आयोजित इस समारोह ने शहर की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी और महिलाओं के बीच पारंपरिक रचनात्मकता एवं सौहार्द का अद्भुत वातावरण निर्मित किया।

