Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कांग्रेस के लिए चुनौतियों से भरा है आगे का रास्ता
    Breaking News Headlines राजनीति राष्ट्रीय संपादकीय

    कांग्रेस के लिए चुनौतियों से भरा है आगे का रास्ता

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 11, 2024No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    कांग्रेस के लिए चुनौतियों से भरा है आगे का रास्ता

    देवानंद सिंह

    देश में 215 सीटों पर कांग्रेस और बीजेपी में सीधा मुकाबला और कांग्रेस की कार्य समिति की बैठक में आला नेताओं का झलकता आत्मविश्वास कांग्रेस के लिए खुशी के पल थे लेकिन इसके आगे की चुनौती राहुल गांधी समझ रहे होंगे लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से कांग्रेस में एक अलग तरह का आत्मविश्वास दिख रहा है, जो स्वाभाविक है। हालांकि बड़ा सवाल आज भी यही है कि इससे आगे की उसकी यात्रा कैसी होगी और इस सवाल का जवाब अब भी कई चुनौतियों से घिरा नजर आ रहा है।

     

     

    अगर सहयोगी दलों की जिद के चलते महाराष्ट्र की सांगली और बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ने को मजबूर हुए विशाल पाटिल और पप्पू यादव की जीत को जोड़ लिया जाए तो कांग्रेस की सीट संख्या 101 पर पहुंच जाती है। और कांग्रेस को जोड़ भी लेना जिस तरह से पप्पू यादव ने कहा मैं खांटी कांग्रेसी हूं

    यह चुनाव कांग्रेस के लिए ऐसा नतीजा लाया है, जिसमें यह तय करना मुश्किल है कि ग्लास आधा भरा है या आधा खाली है।

     

     

    कांग्रेस के लिए यह खुशी की बात हो सकती है कि विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. खुद बहुमत के करीब न पहुंचकर भी कम से कम बीजेपी को बहुमत से दूर रखने में कामयाब हो गया। इस लिहाज से खुद कम सीटों पर लड़ने और संविधान की रक्षा के नारे पर सबसे ज्यादा जोर देने की उसकी रणनीति काम कर गई। लेकिन बतौर राजनीतिक दल उसे उन क्षेत्रों पर ध्यान देना ही होगा जहां उसका संगठनात्मक ढांचा लगातार कमजोर होता रहा है।

    महाराष्ट्र की राजनीति पिछले पांच वर्षों में जिस तरह की उथल-पुथल और घालमेल से गुजरी, उसमें कांग्रेस का सबसे ज्यादा सांसदों वाली पार्टी के रूप में उभरना निश्चित रूप से काफी मायने रखता है। झारखंड में भी आशा के अनुरूप परिणाम दिखे हैं आगे की राजनीति के लिए कांग्रेस को आक्रामकता के साथ ठोस रणनीति पर काम करने की आवश्यकता है भ्रष्टाचार के मुद्दे पर झारखंड में कांग्रेस की लोकसभा चुनाव के दौरान ही आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और लगातार कांग्रेस प्रधानमंत्री के निशाने पर रही

     

     

     

    झारखंड व महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं जाहिर है भाजपा आक्रामक भी होगी क्योंकि भाजपा का मनोबल बढ़ा हुआ है और इस परिस्थिति में कांग्रेस को झारखंड के साथ महाराष्ट्र को साधने की चुनौती भी होगी
    लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की रणनीति यूपी में रायबरेली से राहुल गांधी को और अमेठी से गांधी परिवार के विश्वासपात्र के एल शर्मा को खड़ा करने की बात हो या अखिलेश को अधिक से अधिक स्पेस मुहैया कराने की, ये सब कारगर साबित हुए। जातीय जनगणना मुद्दे को उठना भी कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित हुआ उत्तर भारत के एक बड़े तबके में कांग्रेस को लेकर उम्मीद जगा रहा है कांग्रेस को आने वाले दिनों में अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा के साथ आक्रामकता और गरिमा दोनों को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी होगी तभी सफलता मिलेगी और सीधा मुकाबला वाला सीटों पर अभी से एक रणनीति के तहत संगठनात्मक ढांचा को बचाए रखना बड़ी चुनौती होगी

    कांग्रेस के लिए चुनौतियों से भरा है आगे का रास्ता
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleलालू ने 77 पाउंड का केक काटकर मनाया 77वां जन्मदिन
    Next Article भीषण गर्मी में लू से बचाव के लिए सतर्क रहें, बरतें विशेष सावधानी: उपायुक्त अनन्य मित्तल

    Related Posts

    जमशेदपुर का कुख्यात अंबे पंजाब में बना जल्लाद, भाई-भाभी की गोली मारकर हत्या

    May 14, 2026

    रुजिरा बनर्जी के दो पैन कार्ड और अलग-अलग दस्तावेजों पर पिता के नाम को लेकर विवाद

    May 13, 2026

    बारामती में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट की क्रैश लैंडिंग, बाल-बाल बचा पायलट

    May 13, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जमशेदपुर का कुख्यात अंबे पंजाब में बना जल्लाद, भाई-भाभी की गोली मारकर हत्या

    रुजिरा बनर्जी के दो पैन कार्ड और अलग-अलग दस्तावेजों पर पिता के नाम को लेकर विवाद

    बारामती में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट की क्रैश लैंडिंग, बाल-बाल बचा पायलट

    मौत रुलाती नहीं, ‘मोह’ रुलाता है: जीवन का कड़वा सच | राष्ट्र संवाद

    नीट-2026: मेहनत का कत्ल और जवाबदेही से बचता सिस्टम | राष्ट्र संवाद

    अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस: रिश्तों की अंतिम शरणस्थली | राष्ट्र संवाद

    राष्ट्रहित में अपील: 1967 से आज तक ‘आर्थिक अनुशासन’ का संदेश | राष्ट्र संवाद

    भगवान झूलेलाल मंदिर में अखंड पाठ का भोग,श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद

    एग्रिको ट्रिपल मर्डर: रिश्ते, रिटायरमेंट और करोड़ों की रकम के बीच उलझती जांच

    झारखंड की बदलती जनसांख्यिकी पर बोले चंपाई सोरेन, सरकार पर साधा निशाना

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.