एग्रिको ट्रिपल मर्डर: रिश्ते, रिटायरमेंट और करोड़ों की रकम के बीच उलझती जांच
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के चर्चित एग्रिको ट्रिपल मर्डर केस ने अब केवल एक पारिवारिक हत्या की घटना से आगे बढ़कर आर्थिक विवाद, मानसिक तनाव और टूटते रिश्तों की गंभीर तस्वीर सामने ला दी है। रिटायरमेंट के बाद मिले करोड़ों रुपये, परिवार के भीतर बढ़ता तनाव और फिर एक ही घर में तीन हत्याएं—इन सबने इस मामले को रहस्य और सवालों से घेर दिया है।
पुलिस जांच अब इस केस को सिर्फ घरेलू विवाद नहीं मान रही, बल्कि बैंक लेन-देन, निवेश और परिवार के अंदर चल रहे आर्थिक तनाव को जोड़कर देख रही है। सूत्रों के अनुसार आरोपी Ravindra Prasad Singh को Tata Steel से रिटायरमेंट के बाद करीब 1 करोड़ 24 लाख रुपये मिले थे। जांच में सामने आया है कि इनमें से लगभग 85 लाख रुपये विभिन्न निवेश और लेन-देन में लगाए गए थे। कुछ राशि पत्नी ममता सिंह और बेटी के नाम से भी निकाली गई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से पहले और बाद में इन पैसों का इस्तेमाल कहां और कैसे हुआ। परिवार के भीतर आर्थिक मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद होने की बात भी सामने आई है। पड़ोसियों के अनुसार घर में अक्सर बहस और तनाव का माहौल रहता था।
जांच को और जटिल तब बना दिया जब पूछताछ के दौरान आरोपी कई बार अपने बयान बदलते रहे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब नार्को टेस्ट और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि हत्या की पूरी साजिश और छिपे तथ्यों तक पहुंचा जा सके।
इस केस में नया मोड़ तब आया जब बेटे अभिषेक ने सार्वजनिक रूप से अपने पिता को हत्यारा मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद थाना प्रभारी के बयान को लेकर भी मामला दर्ज हुआ। परिवार के अलग-अलग बयानों ने पुलिस की चुनौती और बढ़ा दी है।
फिलहाल पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल, निवेश से जुड़े दस्तावेज और हत्या से पहले की गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है। एग्रिको ट्रिपल मर्डर अब सिर्फ अपराध की कहानी नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक विश्वास, आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव का ऐसा मामला बन गया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।

