टाटानगर स्टेशन पार्किंग बना लूट का अड्डा
रेलवे प्रबंधन के साथ सवाल पार्किंग जांच पर उठे सवाल

राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग मंगलवार को यात्रियों के लिए गुस्से और अव्यवस्था का केंद्र बन गई। महज 5 घंटे की पार्किंग के 5,310 रुपए वसूले जाने के बाद यात्रियों ने ठेकेदार पर मनमानी और अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया बाद में किसी तरह मामला शांत हुआ उसके बाद रेलवे के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि पर जब सवाल उठने लगे तो सीकेपी मंडल ने आनन फानन में जांच भी कराई
जानकारी के मुताबिक इस बार लगभग तीन करोड़ के टेंडर को करीब सात करोड़ रुपये में लिया गया है। इसके बाद से यात्रियों से मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग सिंडिकेट में पूर्व पुलिस पदाधिकारी और दागी तत्वों का दबदबा है, जिसके चलते आम जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है।

गुस्साए यात्रियों ने कहा कि “10 मिनट फ्री – उसके बाद आईसीयू से भी महंगी पार्किंग” कर दी गई है। प्लेटफॉर्म टिकट जहां 50 रुपये है, वहीं पार्किंग शुल्क हजारों रुपये तक पहुँच गया।
रेलवे और सांसद की चुप्पी
रेलवे की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। डीसीएम कार्यालय की ओर से दबाव में आकर एक्स पर सफाई दी गई, जिसमें कहा गया
“पार्किंग शुल्क निर्धारित मानकों के अनुसार वसूला जा रहा है।
यदि कहीं से अधिक वसूली की शिकायत मिलती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई होगी।”
दूसरी तरफ और समाचार छपने के बाद चक्रधरपुर मंडल द्वारा जांच भी की गई है और जांच अधिकारी ने जिस तरह से रिपोर्ट तैयार की है वह भी सवाल की घेरे में है

हालाँकि यात्रियों का कहना है कि जमीनी हकीकत एक्स की सफाई से बिलकुल अलग है।
सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर जनता की इस लूट पर कब नकेल कसेंगे?
यात्रियों का सीधा आरोप है स्टेशन पार्किंग सुविधा नहीं, डकैती का अड्डा बन चुकी है।
*फैक्ट फाइल : टाटानगर स्टेशन पार्किंग विवाद*

पहले पार्किंग शुल्क: 20–30 रुपये प्रति घंटा
वर्तमान वसूली: 5 घंटे में 5,310 रुपये तक
प्लेटफॉर्म टिकट: 50 रुपये
टेंडर राशि: लगभग 3 करोड़, मगर ली गई करीब 7 करोड़ में
यात्रियों की मांग:
मनमानी वसूली पर रोक लगे
ठेकेदार पर कार्रवाई हो
रेलवे और जनप्रतिनिधि पारदर्शी रेट लिस्ट जारी करें

