अचानक बंद हुई टाटा स्टील गम्हरिया की स्ट्रेट बार मिल, 160 श्रमिकों का फूटा गुस्सा, गेट पर जोरदार प्रदर्शन
राष्ट्र संवाद संवाददाता – अमन ओझा
सरायकेला-खरसावां जिले के औद्योगिक क्षेत्र गम्हरिया में स्थित टाटा स्टील की स्ट्रेट बार मिल (पूर्व में उषा मार्टिन) को अचानक बंद किए जाने से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस फैसले से आक्रोशित मिल में कार्यरत कर्मचारियों ने बुधवार सुबह कंपनी के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। श्रमिकों का आरोप है कि प्लांट को बिना किसी पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया, जबकि उनका बकाया वेतन, पीएफ, ईएसआई सहित अन्य सुविधाओं का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि टाटा स्टील द्वारा उषा मार्टिन प्लांट के अधिग्रहण के समय यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि मिल का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहेगा और किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी, लेकिन वर्तमान स्थिति ने उन वादों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि यह इकाई वेंडर कंपनी आरके एंटरप्राइजेज के माध्यम से संचालित हो रही थी, जिसमें कुल 160 श्रमिक कार्यरत हैं। बीते कुछ दिनों से प्लांट में गतिविधियां बंद होने की सूचना के बाद से ही श्रमिकों के बीच रोजगार को लेकर गहरी असुरक्षा और चिंता का माहौल बना हुआ था। बुधवार को हुए हंगामे के दौरान मजदूरों ने “अन्याय बंद करो” और “हमारा हक दो” जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टाटा स्टील के मानव संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी श्रमिकों तथा उनके प्रतिनिधियों से प्राथमिक स्तर पर बातचीत की। प्रबंधन की ओर से बकाया राशि के भुगतान और श्रमिकों के भविष्य को लेकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया, लेकिन कर्मचारी ठोस और लिखित निर्णय की मांग पर अड़े हुए हैं। श्रमिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कंपनी गेट के समक्ष धरना और आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, पत्रकारों द्वारा टाटा स्टील स्ट्रेट बार मिल के जीएम संतोष सिन्हा से टेलीफोन पर प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बात करने से साफ इनकार कर दिया। इसके साथ ही कंपनी गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों के माध्यम से मीडिया कर्मियों को परिसर के भीतर प्रवेश करने से भी रोक दिया गया, जिससे प्रबंधन की भूमिका और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

