Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » स्वामी चिदात्मन जी ने ऋषि पंचमी पर कहा: भारत ऋषि भूमि व महात्माओं का देश है
    Headlines खबरें राज्य से धर्म पटना बिहार बेगूसराय मुंगेर मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय समस्तीपुर

    स्वामी चिदात्मन जी ने ऋषि पंचमी पर कहा: भारत ऋषि भूमि व महात्माओं का देश है

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 16, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    ऋषि पंचमी
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    लेखक: यदुनंदन

    भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव भगवान महर्षि चिदात्मन जी महाराज द्वारा सिद्धाश्रम सिमरिया धाम में पूजनोपरांत अपने अमृतवाणी से कहा गया।

    ऋषि पंचमी पर स्वामी चिदात्मन जी का दिव्य संदेश

    “भारत एक महान देश ही नहीं, अध्यात्म देश है। इसे ऋषि भूमि व महात्माओं का देश कहा जाता है। कारण सृष्टिकर्ता, पालनकर्ता और संहारकर्ता ब्रह्मा-ऋषि, विष्णु-ऋषि, शिव (रुद्र)-ऋषि—त्रिगुणशाली के तीनों ऋषियों के ये तीनों प्रतीक कहे गए हैं। ये तीनों पवित्र ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद प्रमाणस्वरूप हैं, जो त्रिगुणशाली वर्ष के चारों नवरात्र के साथ-साथ ये चारों पदार्थ प्राप्ति कराने वाले हैं। इससे कायिक, वाचिक, मानसिक, सांसारिक व ज्ञात-अज्ञात दोष से मुक्ति एवं मनोनुकूल सफलता प्राप्त कराने वाले वर्ष के चारों नवरात्र ही नहीं बल्कि ऋषिपंचमी हैं।”

    वेद विभाजन और ऋषियों का योगदान

    यह विभाजन वेद-व्यास जी के वेद-विभाजन के बाद ही निर्दिष्ट होता है। इसके पहले वेद एक था, जो ‘विद्‘ धातु से बना है जिसका मतलब ‘जानना‘ है। जिसमें 403 ऋषि आते हैं। इनमें 88 एकाकी शेष पारिवारिक हैं। इन ऋषियों के द्वारा शरीर-मंथन के द्वारा जो प्राप्त किया गया, वह विभाजन के पहले एक और विभाजनोपरांत चार रूप में हमारे सामने है।

    चातुर्मास और सिमरिया धाम का महत्व

    चातुर्मासांतर्गत जब ऋषिवृंद आदि कुंभ स्थली सिमरिया धाम में उपस्थित हुआ करते थे, तो जनहित, समाजहित, राष्ट्रहित, संस्कृतिहित और विश्व कल्याणार्थ जिनके द्वारा जो अन्वेषण होता था, वह एक प्रारूप ले लिया करता था। जो हमारे सामने वेद, वेदांग, इतिहास व पुराणों के रूप में वेदव्यास भगवान ने प्रस्तुत किया।

    ऋषि पंचमी

    अनादिकाल से मनाई जाती है ऋषि पंचमी

    इस चातुर्मासांतर्गत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को अनादिकाल से (सतयुग) ही ऋषिपंचमी मनाया जाता रहा है। आज भी प्रतीक के रूप में सिद्धाश्रम माँ काली धाम में सप्तऋषि के साथ-साथ त्रि-ऋषि (ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र) की पूजा नित्य होती है और ऋषिपंचमी के समय विशेष रूप से किया जाता है।

    इसके साथ ही रुद्रपुर (रूदौली) में भी सप्तऋषि का पूजन होता है और अहियापुर में शांडिल्य ऋषि, दादपुर एवं मंगरोल में कश्यप ऋषि, पहसारा में वत्स ऋषि, भैरवार में भरद्वाज ऋषि तथा खम्हार में गौतम ऋषि का पूजन होता है।

    यथार्थतः बेगूसराय का वैदिक नाम “वेद सृजन स्थली” सार्थक होता है।

    इस पावन अवसर पर ऋषि परंपरा के बारे में अधिक जानने के लिए Rishi Panchami पर जाएं।

    अध्यात्म ऋषि पंचमी बेगूसराय सिद्धाश्रम सिमरिया धाम स्वामी चिदात्मन
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleपोटका में अवैध बालू परिवहन का खुलासा, 500 सीएफटी बालू लदा हाइवा जब्त
    Next Article बखरी में चला सघन वाहन जांच अभियान, 14 हजार का काटा गया चालान

    Related Posts

    वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान में बन्ना गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी, AICC पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को मंजू

    October 17, 2026

    सुप्रीम कोर्ट का सरकार से सवाल: मरीजों को दवाओं की कीमतों के खेल से कब मिलेगी मुक्ति?

    October 17, 2026

    समाज के कर्णधारों की चाटुकारिता और जन-मानस का दूषितीकरण—

    October 17, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान में बन्ना गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी, AICC पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को मंजू

    सुप्रीम कोर्ट का सरकार से सवाल: मरीजों को दवाओं की कीमतों के खेल से कब मिलेगी मुक्ति?

    समाज के कर्णधारों की चाटुकारिता और जन-मानस का दूषितीकरण—

    सुप्रीम कोर्ट के आवश्यक न्यायिक फैसलों के उजाले

    सरयू राय ने रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री से मिलकर जताई संवेदना

    दुर्गोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और अटूट आस्था का प्रतीक है : काले

    दुर्गापूजा के बीच 108 एंबुलेंस कर्मियों की चेतावनी, 21 से ठप कर सकते हैं सेवा

    कैकेयी-दशरथ संवाद और राम वन गमन का भावपूर्ण मंचन, साकची मैदान में उमड़े श्रद्धालु

    पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता एवं मानगो मेयर सुधा गुप्ता ने जमशेदपुर के विभिन्न पूजा पंडालों का किया उद्

    हिंदुस्तान मित्र मंडल पूजा समिति के समारोह में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.