

मैं सत्ता का प्रथम विपक्षी,
मेरा धर्म सवाल उठाना !
जहाँ अँधेरा राज करे,
खुद मशाल बनकर जल जाना !
मैं सच को कैसे झुठलाऊँ ?
गीत महल के कैसे गाऊं ?
दरबारों का मैं अपराधी हूँ,
जयकारों से मैं घायल हूँ।
जो महलों के गीत गा सके
शब्द वो चुनकर कहां से लाऊं ?
कैसे अपना कलम जलाऊं ?
मैं सच को कैसे झुठलाऊँ ?
गीत महल के कैसे गाऊं ?
सच कहने पर सज़ा मिली है,
इस सच को कैसे झुठलाऊँ?
झूठ के आगे शीश झुकाकर,
कैसे अपना धर्म भुलाऊँ?
मैं सच को कैसे झुठलाऊँ?
गीत महल के कैसे गाऊँ?
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सूरज सिंह राजपूत (जमशेदपुर, झारखण्ड)
जय मां भवानी 🚩
जय जननी, जय जन्मभूमि 🚩
Suraj Singh Rajput Rani Suraj Singh Rajput
