लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
अपराध नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था को लेकर सरायकेला पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। एसपी मनोज स्वर्गीयारी के निर्देश पर चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार ने थाना क्षेत्र के दागी एवं निगरानीशुदा अपराधियों की परेड कराई। इस दौरान पुलिस ने अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि आपराधिक गतिविधियों से दूर रहें, अन्यथा जेल जाने के लिए तैयार रहें।
सरायकेला पुलिस ने चौका थाना में चलाया विशेष परेड अभियान
थाना प्रभारी ने परेड में शामिल अपराधियों को क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त नहीं होने तथा पुलिस की निगरानी में सहयोग करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की नजर थाना क्षेत्र के सभी दागी एवं सक्रिय अपराधियों पर है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार ने बाजार क्षेत्र एवं अन्य संवेदनशील स्थलों पर पैदल गश्ती की। इस दौरान हुड़दंग करने वालों को सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस ने दुकानदारों एवं व्यवसायियों से संवाद कर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की। पुलिस की सक्रियता से असामाजिक तत्वों में हड़कंप है।
एसपी मनोज स्वर्गीयारी की रणनीति से अपराधियों में भय
सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी के नेतृत्व में अपराध नियंत्रण की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बीते कुछ महीनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपराधियों की धरपकड़, अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोकथाम तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए हैं। चौका थाना क्षेत्र में दागी अपराधियों की परेड इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस परेड में थाना क्षेत्र के लगभग 25 से 30 निगरानीशुदा बदमाशों को बुलाया गया था, जिनके विरुद्ध पूर्व में चोरी, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर: व्यवसायियों से संवाद
सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में बाजार क्षेत्र में की गई पैदल गश्ती सामुदायिक पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस दौरान पुलिस टीम ने स्थानीय दुकानदारों, ठेला-खोमचा वालों और व्यवसायियों से सीधा संवाद स्थापित किया। पुलिस ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की जबरन वसूली, रंगदारी या छेड़खानी की सूचना तत्काल दें। व्यवसायियों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिलाया। इस प्रकार के संवाद से पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर मजबूत होती है, जो अपराध नियंत्रण की मूल शर्त है।
झारखंड पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार सभी जिलों में सक्रिय अपराधियों की सूची अद्यतन की जा रही है। सरायकेला पुलिस ने इस दिशा में तेजी दिखाते हुए डोजियर को अपडेट किया है। चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि परेड के दौरान सभी अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों, आवास सत्यापन और आजीविका के स्रोत की जानकारी ली गई। जो अपराधी परेड में अनुपस्थित रहे, उनकी सूची तैयार कर उनके विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 107/116 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। साथ ही फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।
पैदल गश्ती: अपराध रोकथाम का प्रभावी हथियार
विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन गश्ती की तुलना में पैदल गश्ती अपराध रोकथाम में अधिक कारगर साबित होती है। पैदल गश्ती से पुलिसकर्मी संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और सुनसान इलाकों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। सरायकेला बाजार में शाम के समय लगने वाली भीड़ और यातायात जाम की समस्या को देखते हुए थाना प्रभारी विनय कुमार ने पैदल गश्ती को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया है। इससे न केवल असामाजिक तत्वों में भय पैदा होता है, बल्कि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सामुदायिक पुलिसिंग के ऐसे मॉडल को सराहा गया है।
भविष्य की कार्ययोजना: तकनीक का समावेश
आने वाले दिनों में सरायकेला पुलिस सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत करने, डायल 112 की प्रतिक्रिया समय को कम करने और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता अभियान चलाने पर फोकस करेगी। एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की नजर केवल पारंपरिक अपराधों पर ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक आधारित अपराधों पर भी है। चौका थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में चोरी की छिटपुट घटनाओं को देखते हुए वहां रात्रि गश्ती की संख्या बढ़ा दी गई है। पुलिस का दावा है कि इस सख्ती का असर जल्द ही अपराध के ग्राफ में गिरावट के रूप में दिखेगा।

