
सेवा कार्यों से सामाजिक समरसता का निर्माण : गुरुशरण प्रसाद
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। सेवा भारती, झारखंड के सप्त दिवसीय प्रांतीय आचार्य सेवा प्रशिक्षण वर्ग का समापन बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में हुआ। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय सेवा भारती के न्यासी गुरुशरण प्रसाद ने कहा कि सेवा कार्यों से सामाजिक समरसता मजबूत होती है। परोपकार मनुष्य का परम कर्तव्य है और सेवा धन से नहीं, बल्कि संवेदनशील मन से होती है।
मुख्य अतिथि मुरलीधर केडिया ने कहा कि सेवा भारती जैसी संस्थाएं शिक्षा, सेवा और संस्कार के माध्यम से वंचित एवं पिछड़े वर्गों में नई जागृति ला रही हैं।
सेवा भारती के विभागीय सचिव डॉ. प्रसेनजीत तिवारी ने बताया कि झारखंड के 21 जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक संस्कार से जुड़े 1,977 सेवा कार्य संचालित हैं। वर्ग की कार्यवाहिका किरण सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में विभिन्न जिलों की 70 महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान योगासन, मंत्रोच्चार, वंदना तथा सेवा, शिक्षा, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीयता से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
समारोह में प्रांत सेवा प्रमुख मुकेश रंजन सिंह सहित सेवा भारती के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और नगर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

