ग्रामसभा की उपेक्षा के गंभीर परिणाम होंगे : मुखिया
*अनुमति के बिना सीएसआर कार्य हुआ तो होगा विरोध, यूसीआईएल प्रबंधन को मुखिया की दोटूक चेतावनी*
*खनन प्रभावित डोमजूडी पंचायत की उपेक्षा पर उठाए सवाल, विकास योजनाओं में ग्रामीणों की भागीदारी और हक सुनिश्चित करने की मांग*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, पोटका
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत यूसीआईएल के नरवापहाड़ में आयोजित बैठक में डोमजूडी पंचायत की मुखिया अनीता मुर्मू ने सीएसआर विकास कार्यों में पंचायत की कथित उपेक्षा पर प्रबंधन को घेरा। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर खनन प्रभावित ग्रामीणों के लिए बुनियादी सुविधाएं और जनकल्याणकारी योजनाएं प्राथमिकता से लागू करने की मांग की।
मुखिया ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद डोमजूडी पंचायत में अपेक्षा के अनुरूप विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। सीएसआर के नाम पर योजनाएं बनाने से पहले ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों को समझना और उन्हें विकास का लाभ देना जरूरी है।
उन्होंने दोटूक चेतावनी दी कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना पंचायत क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य नहीं कराया जाना चाहिए। योजनाओं को ग्रामीणों की सहमति, ग्रामसभा के अधिकारों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के अनुरूप ही लागू किया जाए। इन प्रक्रियाओं की अनदेखी कर काम थोपने की कोशिश हुई, तो इसका विरोध किया जाएगा।
मुखिया ने प्रबंधन से ग्रामसभा की भूमिका का सम्मान करने और खनन प्रभावित परिवारों के हितों को सीएसआर योजनाओं में प्राथमिकता देने की मांग की। बैठक में डोमजूडी के उपमुखिया जयगोपाल दास सहित विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान मौजूद थे।

