मॉर्निंग वॉक में ‘डबल ड्यूटी’! सेहत भी, जेब भी?
*कौवाली में बालू लदे ट्रैक्टर से 13 हजार रुपये वसूली का आरोप; थानेदार ने जताई अनभिज्ञता, मुखिया करेंगी एसएसपी से शिकायत*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, पोटका
कहावत है— “केला बेचना भी हुआ और मेला देखना भी हुआ।” कौवाली थाना क्षेत्र में दो पुलिस अधिकारियों पर लगे आरोपों ने इस कहावत को नया अर्थ दे दिया है। आरोप है कि बुधवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान बालू लदे ट्रैक्टर को रोककर 13 हजार रुपये लिए गए और वाहन छोड़ दिया गया। यानी सेहत की सैर के साथ जेब की कमाई—एक तीर से दो निशाने!
वाहन चालक केशव महतो के अनुसार, सुबह करीब छह बजे बालू परिवहन कर रहे ट्रैक्टर को कौवाली थाना के दो अधिकारियों ने रोका। कथित मोलभाव के बाद 13 हजार रुपये लेकर ट्रैक्टर छोड़ने का आरोप है। चालक ने थाना प्रभारी अमित चौधरी को सूचना देनी चाही, जबकि मुखिया प्रतिनिधि सचिन्द्र बारीक ने सुबह 6:31 बजे उनसे संपर्क किया। थाना प्रभारी ने वाहन पकड़े जाने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई।
अब सवाल है कि थाना क्षेत्र में कथित वसूली हो और थानेदार को भनक तक न लगे! क्या मॉर्निंग वॉक इतनी गोपनीय ड्यूटी है कि इसकी खबर थाने की चौखट तक नहीं पहुंचती? पानी में डुबकी लगाकर पानी पीने की कहावत यहां चरितार्थ होती दिख रही है—लेकिन कहीं कथित लेन-देन की मछली गले में फंस गई, तो जवाबदेही किसकी होगी?
स्थानीय स्तर पर इससे पहले हारीडीह के बंद क्रशर से गिट्टी लदे ट्रैक्टर के मामले में भी 30 हजार रुपये वसूली का आरोप लगाया गया था।
उधर, उपायुक्त अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती के निर्देश दे चुके हैं। कौवाली की मुखिया काजल बारीक ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एसएसपी को शिकायत देने की बात कही है। अब जांच से ही स्पष्ट होगा कि यह मॉर्निंग वॉक थी या वर्दी की आड़ में कथित वसूली का ‘वॉक-इन काउंटर’।

