संथाल परगना स्थापना दिवस कार्यक्रम रद्द, चंपई सोरेन ने प्रशासन पर साधा निशाना
राष्ट्र संवाद संवाददाता
सरायकेला:22 दिसंबर को प्रस्तावित संथाल परगना स्थापना दिवस कार्यक्रम को प्रशासन द्वारा कड़ी शर्तें लगाए जाने के बाद आयोजकों ने रद्द कर दिया। इस फैसले पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर कार्यक्रम को जानबूझकर बाधित करने का आरोप लगाया।
चंपई सोरेन ने कहा कि फुटबॉल और सांस्कृतिक जैसे सामान्य आयोजनों के लिए अत्यधिक मजिस्ट्रेट, भारी पुलिस बल और कठोर शर्तें लगाई गईं, जबकि अन्य जिलों व राज्यों में ऐसे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन पर अघोषित प्रतिबंध है तो सरकार उसे सार्वजनिक करे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि हूल विद्रोह के नायकों वीर सिदो–कान्हू की धरती भोगनाडीह में प्रशासनिक अड़चनें आदिवासी सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में हूल दिवस पर भी अनुमति नहीं दी गई और विरोध के दौरान बल प्रयोग हुआ। चंपई सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगा और सरकार को अंततः बैक फुट पर जाना पड़ेगा।

