लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने मंगलवार को अपना 60वां जन्मदिवस सादगी, सेवा और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा नागरिकों से प्रकृति, जल और ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
संजय राठी पिछले 20 वर्षों से प्रत्येक जन्मदिवस पर वृक्षारोपण करते आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन, जल एवं ऊर्जा बचाओ अभियान तथा प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि पर्यावरण संरक्षण, जल बचत और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग ही भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।
चार दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय संजय राठी ने पत्रकारिता को सदैव जनहित और लोकतंत्र की मजबूती का माध्यम माना है। वर्तमान में मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वे देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों और कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकार कल्याण योजनाओं तथा स्वतंत्र एवं उत्तरदायी पत्रकारिता को सशक्त बनाने की दिशा में उनके प्रयास निरंतर जारी हैं।
अपने जन्मदिवस पर संजय राठी ने कहा, “60 वर्ष की यह यात्रा मेरे लिए आत्ममंथन और नए संकल्प का अवसर है। आने वाले वर्षों में भी मैं सत्यनिष्ठ पत्रकारिता, पत्रकार हितों की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, जल एवं ऊर्जा बचत तथा प्राकृतिक खेती के प्रसार के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करता रहूँगा।“
उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार, गुरुजनों, पत्रकार साथियों, मित्रों तथा देशभर के शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके स्नेह, विश्वास और सहयोग ने ही उन्हें निरंतर जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाए, नियमित रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करे, जल एवं ऊर्जा की बचत को जीवनशैली का हिस्सा बनाए तथा प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे।
संजय राठी: पर्यावरण और पत्रकारिता के प्रति समर्पण
संजय राठी का जीवन पर्यावरण संरक्षण और जनसरोकारों की पत्रकारिता का अद्वितीय संगम है। पिछले दो दशकों से वे अपने प्रत्येक जन्मदिवस को वृक्षारोपण के रूप में मनाते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। इस अवसर पर भी उन्होंने वृक्षारोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उनके अनुसार, वृक्षारोपण मात्र एक रस्म नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए जीवनदायिनी विरासत तैयार करने का उपक्रम है।
संजय राठी के प्रमुख सामाजिक अभियान
- वृक्षारोपण: पिछले 20 वर्षों से प्रत्येक जन्मदिवस पर वृक्षारोपण।
- रक्तदान आंदोलन: स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन।
- जल एवं ऊर्जा बचाओ: जनजागरण कार्यशालाओं के माध्यम से संरक्षण।
- प्राकृतिक खेती: किसानों को जैविक खेती अपनाने हेतु प्रेरित करना।
- पत्रकार सुरक्षा: पत्रकार सुरक्षा कानून और कल्याण योजनाओं हेतु पैरवी।
वृक्षारोपण की 20 वर्षीय यात्रा
संजय राठी द्वारा लगाए गए पौधे आज वटवृक्ष का रूप ले चुके हैं। उन्होंने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी जनजागरण अभियान चलाए हैं। उनके आह्वान पर सैकड़ों पत्रकारों और नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पौधे लगाए हैं। इस मुहिम को ‘एक जन्मदिवस, एक पौधा’ नाम दिया गया है, जो धीरे-धीरे एक जनआंदोलन का रूप ले रहा है।
रक्तदान, जल एवं ऊर्जा संरक्षण
स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन में भी संजय राठी की अग्रणी भूमिका रही है। उन्होंने पत्रकारों और युवाओं को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करने हेतु अनेक शिविरों का आयोजन किया है। उनके प्रयासों से एकत्रित रक्त यूनिट्स ने सैकड़ों थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने में मदद की है। जल एवं ऊर्जा बचाओ अभियान के तहत उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की हैं।
प्राकृतिक खेती का प्रसार
प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार में संजय राठी ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए जैविक खेती अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कृषि विशेषज्ञों के साथ मिलकर कार्यशालाएं आयोजित कीं, जिससे सैकड़ों किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाकर अपनी आय बढ़ाई और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बरकरार रखा।
पत्रकार सुरक्षा और कल्याण के लिए संघर्ष
मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते संजय राठी लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकार कल्याण योजनाओं को लेकर मुखर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग उठाई है। उनके प्रयासों से कुछ राज्यों में पत्रकार कल्याण कोष की स्थापना की दिशा में प्रगति हुई है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय प्रेस परिषद की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
आह्वान: जनभागीदारी से विकसित भारत
संजय राठी का मानना है कि पत्रकारिता केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज को दिशा देना भी है। चार दशकों की पत्रकारीय यात्रा में उन्होंने ग्रामीण भारत की समस्याओं, पर्यावरणीय चुनौतियों और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। उनकी रिपोर्ट्स ने नीति-निर्माताओं को सोचने पर मजबूर किया है। अपने 60वें जन्मदिवस पर दिए गए संदेश में उन्होंने जिस ‘विकसित भारत’ के निर्माण की बात कही, वह उनके जीवन दर्शन का सार है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। उनका यह आह्वान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप है।

