दृढ़ निश्चय से कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है: उमा शंकर शुक्ला
राष्ट्र संवाद संवाददाता
प्रभु के भजन पर झूम रहे श्रोता, राधा मय हुआ हल्दीपोखर
प्रखंड हल्दीपोखर ओडिशा रोड में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस गुरुवार को कथा के अंतराल पर प्रभू के भजन पर भक्त झूम उठे। कथावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ला महाराज ने व्यास पीठ पर कथा के तीसरे दिन
ध्रुव चरित्र कथा,हिरण्यकश्पय का वध, जड़ भारत की कथा, माता शबरी की कथा एवं भगवान कैसे रिझते हैं आदि प्रसंगों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मनुष्य के अहंकार का पतन निश्चित है। ईश्वर की सर्वव्यापकता,अटल भक्ति का महत्व, वरदानों की सीमा, सत्य की जीत, आंतरिक शक्ति की बखान करते हुए संघर्षों में धैर्य को बनाए रखने की बात कही। उन्होंने बताया कि ध्रुव चरित्र की कथा हमें दृढ़ संकल्प, अटूट भक्ति और सच्ची संतुष्टि के लिए
भौतिक इच्छाओं से ऊपर उठकर ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखने की शिक्षा देती है। दृढ़ निश्चय से कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। संसार में मोह ही सभी दुखों, जन्म व मृत्यु के चक्र का कारण है। उन्होंने शिक्षक और गुरु में व्यापक अंतर को दर्शाते हुए कहा सच मायने में शिक्षक शास्त्र सम्मत, धर्म के अनुकूल जो उपदेश दे वही गुरु होता है। इस अवसर पर पूर्व विधायक मेनका सरदार, समाजसेवी कृष्णा गोप, शक्ति पद मंडल, पार्षद सूरज मंडल,तीप्ति मंडल,नेहा मंडल, ओमप्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष नरेन्द्र मंडल, विकास मंडल,असीत मंडल,मुखिया देवी कुमारी भूमिज,उप मुखिया ओमप्रकाश गुप्ता, रमेश मोदी, रमेश मोदक,शीतल मंडल,सिमंत गोप,अंगद गोप,नीलकांत मंडल, रामसिंह मंडल,सहित सैंकड़ों भक्त उपस्थित थे।

