राजा कालिंदी ने सीबीआई निदेशक को पत्र लिखकर सुरोजित दास को पद से हटाने की मांग , आय से अधिक संपत्ति की भी हो जांच:राजा कालिंदी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) में 56 लाख रुपए के ओवरटाइम घोटाले में सीएमडी के निजी सचिव सुरोजित दास पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा कोल्हान प्रमंडल एससी मोर्चा के अध्यक्ष राजा कालिंदी ने सीबीआई निदेशक को पत्र लिखकर सुरोजित दास को पद से हटाने की मांग की है।
राजा कालिंदी का आरोप है कि सुरोजित दास अपने भाई गोपीनाथ दास को सीबीआई केस से बचा रहे हैं। गोपीनाथ पर RC09/A/2019-R केस दर्ज है, जो रांची कोर्ट में चल रहा है। इस केस में यूसीआईएल के कई अधिकारी गवाह हैं। आरोप है कि सुरोजित दास गवाहों को प्रभावित कर रहे हैं। इसलिए जब तक सभी गवाहों की गवाही पूरी नहीं हो जाती, उन्हें पद से हटाया जाए।
सुरोजित दास पर विजिलेंस जांच भी चल रही है। आरटीआई कार्यकर्ता और यूसीआईएल के पूर्व वित्त अधिकारी देवाशीष घोष ने 29 मार्च 2023 को सीबीसी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत संख्या 11862/2023 है। जांच डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी के सतर्कता अधिकारी कर रहे हैं। यूसीआईएल के इतिहास में पहली बार किसी सीएमडी के पीए पर ऐसी शिकायत हुई है।
पी ए पर यह भी आरोप है कि उन्होंने 2011 के आयकर रिटर्न में बड़ी रकम छिपाई। 8 अप्रैल 2019 को उन्होंने जादूगोड़ा थाना में कमल सिंह के खिलाफ करोड़ों के चिटफंड घोटाले का केस दर्ज कराया था। केस नंबर 22/10 में उन्होंने माना कि उन्होंने कमल सिंह को 15 लाख रुपए घर बनाने के लिए दिए थे। इसमें 6 लाख 1 हजार रुपए नकद दिए गए थे। एफआईआर में उन्होंने यह रकम अपने पास होने की बात मानी, लेकिन इसे आयकर रिटर्न में नहीं दिखाया।
सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी रकम उनके पास कहां से आई। क्या उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर यह संपत्ति बनाई। लंबे समय से संवेदनशील पद पर रहने के कारण उनकी निजी संपत्ति और आय की जांच की मांग की गई है। आयकर विभाग को भी शिकायत भेजी गई है।
आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि सुरोजित दास ने अपने पद का अनुचित लाभ उठाकर बार-बार जल्दी प्रमोशन लिया। यूसीआईएल के कई अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपने कई रिश्तेदारों को भी यूसीआईएल में नौकरी दिलवाई। जिस समय उन्होंने नकद रकम का विवरण दिया, उसी समय उनके भाई गोपीनाथ दास 56 लाख रुपए के ओवरटाइम और यात्रा घोटाले में पकड़े गए थे। इस मामले में सीबीआई ने गोपीनाथ को जेल भेजा था। उनके एक और भाई सुकांति दास, जो नरवा में कार्यरत हैं, इस घोटाले में शामिल थे।
यूसीआईएल में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है। कई अधिकारी 15 से 20 साल से एक ही पद पर टिके हुए हैं। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि सुरोजित दास को तत्काल पद से हटाया जाए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। जांच अधिकारी भी उनके प्रभाव के कारण कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
राजा कालिंदी ने यह भी आरोप लगाया कि सुरोजित दास अपनी बेटी के लिए सीएसआर असिस्टेंट मैनेजर की वैकेंसी निकलवा रहे थे। सारी प्रक्रिया पूरी होने

