गुरु तेग बहादुर जी का 400 वां प्रकाश पर्व 3 जनवरी से
पूर्वी भारत के सिख संगत से पटना चलने का आह्वान
इंद्रजीत एवं शैलेंद्र ने प्रधानमंत्री को लिखित अनुरोध पत्र भेजा
केंद्र सरकार तक पहुंचा तरनजीत हत्या का मामला
मंत्री, मीनाक्षी, मंत्री जितेंद्र, रघुवर ने सुधि ली
जमशेदपुर। गुरु तेग बहादुर जी का 400 वां प्रकाश पर्व 3 जनवरी से मनाया जाएगा। यह आयोजन गुरु गोविंद सिंह जी के 355 वे प्रकाश पर्व के साथ ही पटना में बड़े स्तर पर होगा। इसकी तैयारी चल रही है और बिहार सरकार ने हर संभव सहयोग करने का आश्वासन गुरु गोविंद सिंह जी की जन्म स्थली तख्त श्री हरमंदिर साहिब जी पटना प्रबंधन कमेटी को दे रखा है। ऐसे में देश विदेश के साथ ही खासकर पूर्वी भारत के असम बिहार झारखंड ओडिशा पश्चिम बंगाल एवं मध्य तथा दक्षिण उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में संगत दर्शन को आएगी और इसके लिए कमेटी ने तैयारियां आरंभ कर दी है।
पश्चिम बंगाल की संगत को निमंत्रण देने कमेटी के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन लखविंदर सिंह, बिहार गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सूरज सिंह नलवा, झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बिल्ला कोलकाता पहुंचे जहां श्री गुरु सिंह सभा जगत सुधार गुरुद्वारा में पश्चिम बंगाल के तकरीबन सभी गुरुद्वारा कमेटियों के प्रधान एवं महासचिव शामिल हुए।
पटना में बन रहा आधुनिक किचन
इसमें सरदार इंदरजीत सिंह द्वारा बताया गया कि संगत के ठहरने के लिए तकरीबन 500 कमरे तैयार हो जाएंगे और आधुनिक किचन स्थापित किया जा रहा है जिसमें एक घंटे में दस हजार लोगों के लिए लंगर तैयार हो जाएगा।
बिहार सरकार हर संभव सहयोग देगी
इंदरजीत सिंह लखविंदर सिंह ने बताया कि कमेटी का प्रतिनिधिमंडल बिहार के मुख्यमंत्री एवं केंद्र सरकार के प्रतिनिधि से मिल चुका है। सरकार ने भी अपनी ओर से हर तरह से तैयारी एवं सहयोग करने का आश्वासन कमेटी को दिया है।
कोविद 19 के मद्देनजर कार्यक्रम टला
धर्म प्रचारक कमेटी के प्रधान लखविंदर सिंह ने बताया कि कोविद के मद्देनजर कार्यक्रम को आज स्थगित करने की बजाय गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के साथ जोड़ दिया है जिसमें देश विदेश की संगत गुरु दरबार में शामिल हो सके और यह कार्यक्रम सात दिनों तक चलेगा।
इस बैठक में बंग विभूषण से अलंकृत बचन सिंह सरल ने गुरु तेग बहादुर जी के ढाका एवं असम के ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी देते हुए इसे गुरु तेग बहादुर स्टडी सर्किल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। प्रधान सतवंत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक का संचालन तरसेम सिंह ने किया।
इसमें बड़ा बाजार गुरुद्वारा कमेटी के वाइस प्रेसिडेंट अजीत सिंह बारी, गुरुद्वारा जगत सुधार के प्रधान तरसेम सिंह, बंगाल सेंट्रल कमेटी के प्रधान जगजीत सिंह, सचिव राजेंद्र सिंह सभरवाल मुखविंदर सिंह, नछत्तर सिंह सरबजीत सिंह , अमरजीत सिंह, सुरजीत सिंह खुशीपुर, कुलविंदर सिंह, मनदीप सिंह, जगजीत सिंह हरदेव सिंह हरजीत सिंह बग्गा, मनजीत सिंह आदि उपस्थित थे।
बड़ा बाजार गुरुद्वारा में सम्मानित हुए इंदरजीत
श्री गुरु नानक देव जी एवं श्री गुरु तेग बहादुर जी से संबंधित ऐतिहासिक बड़ा बाजार गुरुद्वारा कोलकाता में तख्त श्री हरमंदिर साहिब प्रबंधन कमेटी के उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह, धर्म प्रचार कमेटी के लखविंदर सिंह, झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बिल्ला, सुरजीत सिंह खुशीपुर, एवं कुलविंदर सिंह को सिरोपा एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
यहां बड़ा बाजार गुरुद्वारा कमेटी ने बैठक में बताया कि नई पीढ़ी को सिख पंथ से जोड़ने के लिए गुरु मर्यादा में रहने वाले बच्चों की फीस का आधा खर्च कमेटी वहन करती है। वरीय उपाध्यक्ष अजीत सिंह बारी ने कमेटी की धार्मिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी।
केंद्र सरकार तक पहुंचा तरनजीत हत्या का मामला
मंत्री, मीनाक्षी, मंत्री जितेंद्र, रघुवर ने सुधि ली

जमशेदपुर। गत रविवार को फिलीपींस मनीला में हत्यारों द्वारा मारे गए लौहनगरी के तरनजीत सिंह समी का मामला केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। शहर एवं देश के अलग-अलग हिस्सों से विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक ,धार्मिक संगठनों ने ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, कू जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार तक पीड़ित परिवार की आवाज़ पहुंचाई है।
इसका नतीजा तब दिखा जब विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी के दूत के रूप में प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल सारंगी परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होंने मंत्री की ओर से कहा कि यदि परिजन कुछ दिनों का इंतजार करें तो तरनजीत का पार्थिव देह भारत में लाया जाएगा। नाना गुरदयाल सिंह मामा गुरदीप सिंह पप्पू एवं मां जसवीर कौर ने शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मृत शरीर की बेअदबी नहीं चाहते हैं। भाई कुलदीप को बुधवार को अंतिम संस्कार की इजाजत दे दी है। वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का शोक संदेश लेकर पूर्व भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले, शिव शंकर सिंह भी घरवालों से मिले और सांत्वना दी।
सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा
इधर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास, रांची के सांसद संजय सेठ, स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप कुमार बालमुचू ने परिजनों से शोक जताया तथा संजय सेठ ने अपनी ओर से लिखित आग्रह भी प्रधानमंत्री से कर दिया है।

इंद्रजीत एवं शैलेंद्र ने प्रधानमंत्री को लिखित अनुरोध पत्र भेजा
तखत श्री हरिमंदिर साहिब जी पटना साहेब के उपाध्यक्ष सरदार इंद्रजीत सिंह, झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर तरनजीत सिंह का पार्थिव देह जमशेदपुर लाने की मांग की। वहीं मनीला में कुलदीप सिंह की सुरक्षा की व्यवस्था करने एवं पीड़ित परिवार को फिलीपींस के कानून के तहत न्याय देने की गुहार भी लगाई। इसकी प्रति विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रसाद, केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सिखों के सर्वोच्च पीठ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी भाई साहब हरप्रीत सिंह को इसकी प्रति भेजी। इस प्रतिनिधिमंडल में जसवीर सिंह सिरे, सतवीर सिंह सोमू , कुलविंदर सिंह, सुधीर कुमार आदि शामिल थे।
आज होगा तरनजीत का अंतिम संस्कार
तरनजीत सिंह के पार्थिव देह का अंतिम संस्कार मनीला में कल बुधवार को वहां के समय अनुसार दोपहर एक बजे बाद कर दिया जाएगा। शरीर को डीकंपोज से बचाने के लिए मां जसवीर कौर ने वही अंतिम संस्कार करने का आग्रह अपने परिजन एवं भारत सरकार से किया है। घर वालों ने तरनजीत के फूल (अवशेष) भारत लाने का आग्रह किया है जिससे वे परंपरा के अनुसार अस्थि प्रवाह स्वदेश में कर सकें।
सूनी हुई मां जसवीर कौर की दुनिया
जमशेदपुर। जवान बेटे तरनजीत सिंह समी की दर्दनाक मौत से मां जसवीर कौर की दुनिया सूनी हो गई है। मां जसवीर सिंह उस घड़ी को कोस रही है जब उन्होंने बेटे को फिलिपीन में जाकर रोजगार करने की इजाजत दे दी।
मां जसवीर कौर का रविवार से रोते हुए बुरा हाल है और वह बात करते हुए बेसुध एवं बेहोश हो जाती है। वह सीतारामडेरा स्थित मायके में फिलहाल रह रही है। जहां बहने एवं पिता और भाई उसकी देखरेख फिलहाल कर रहे हैं।
उसके अनुसार एक रिश्तेदार ने कहा कि फिलीपीन बेरोजगार के अच्छे अवसर हैं और उसने 15 लाख रुपए दिए और तब तरनजीत फिलीपीन गया। वहां में रोजगार स्थापित करने के लिए विभिन्न माध्यम से लाखों रुपए भेजे हैं और इसके लिए उसे अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी है।
जसवीर कौर के अनुसार जब जब उसने बेटे को कहा कि वह लौट आए उसके बिना गुजर-बसर नहीं हो रहा है तब वह कहता था कि काम बढ़ गया है और एक नई दुकान खोलने जा रहा है। बहुत धन कमाकर लौटेगा और तब भविष्य अच्छा गुजरेगा।
जसवीर कौर के अनुसार बेटे के लिए लड़की भी ढूंढ ली थी और उनके परिजनों के साथ शादी की बात चल रही थी और नवंबर में उसकी शादी करने की योजना थी। जसवीर कौर के अनुसार पारिवारिक कारणों से वाह पिछले 15 साल से पति से अलग रहती है। उसने और उसके बेटे ने अपनी मेहनत से यहां तक मुकाम पाया था। पता नहीं किस की बुरी नजर लग गई और बेटे के साथ हादसा हो गया और वह भगवान के यहां चला गया। वह बार-बार रोते हुए कह रही है कि भगवान उसे ले जाता परंतु बेटे को अभी दुनिया देखनी थी।
यही कारण है कि उसने भाई को कहा है कि वह तरनजीत को दूल्हे के रूप में सजा कर विदा करें और उसकी फोटो भेजे वह उसे दूल्हे के रूप में देखना चाहती थी । उसकी वह इच्छा पूरी कर दी जाए।

