जमशेदपुर में स्वर्णरेखा नदी में प्रदूषण से मची तबाही, हजारों मछलियों की मौत, इलाके में फैली दुर्गंध
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर से एक गंभीर पर्यावरणीय संकट की खबर सामने आई है। शहर से होकर गुजरने वाली स्वर्णरेखा नदी का पानी अचानक जहरीला हो गया है, जिससे नदी में बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
नदी किनारे का दृश्य बेहद भयावह हो गया है। हजारों मछलियां पानी में मृत अवस्था में तैरती हुई और किनारों पर सड़ती नजर आ रही हैं। कई जगहों पर मछलियों में कीड़े पड़ चुके हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल गई है। स्थानीय लोगों के लिए वहां खड़ा होना तक मुश्किल हो गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से नदी के पानी का रंग बदल गया था और उसमें से अजीब गंध आ रही थी। इसके बाद अचानक मछलियों की मौत शुरू हो गई और देखते ही देखते हालात बिगड़ते चले गए।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले जहरीले कचरे और रसायनों को बिना शोधन के सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे पानी पूरी तरह प्रदूषित हो गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मामले की गहन जांच के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने इसे केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
फिलहाल प्रशासन ने नदी के पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं और मामले की छानबीन जारी है। उधर, स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक नदियों को इस तरह प्रदूषण का शिकार बनाया जाता रहेगा और कब इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

