Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » धान सस्ता, चावल महंगा: किसान परेशान, मिल मालिकों पर मनमानी का आरोप
    झारखंड

    धान सस्ता, चावल महंगा: किसान परेशान, मिल मालिकों पर मनमानी का आरोप

    nizamBy nizamOctober 10, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    धान सस्ता, चावल महंगा: किसान परेशान, मिल मालिकों पर मनमानी का आरोप

     

     

    धान की कीमत में 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट, चावल 300 रुपये महंगा; सरकारी खरीद व्यवस्था पर उठे सवाल

     

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जादूगोड़ा। खेतों में छह महीने मेहनत कर धान उगाने वाले किसानों को बाजार में उचित कीमत नहीं मिल रही है, जबकि उसी धान से तैयार चावल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। स्थानीय किसानों के अनुसार, मोटे धान की कीमत 2,250 से घटकर 2,200 रुपये और स्वर्णा धान की कीमत 2,350 से घटकर 2,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। वहीं, चावल का भाव 3,000 से बढ़कर 3,300 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। इस दोहरी मार से किसान और उपभोक्ता दोनों परेशान हैं।

    किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्रों (लैंप्स) में ऑनलाइन पंजीकरण, टोकन और नमी जांच जैसी प्रक्रियाओं के कारण धान बेचने में देरी होती है। त्योहारों के दौरान नकदी की जरूरत के चलते किसान निजी मिल मालिकों को कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर हो जाते हैं। किसान रंजीत गिरी के मुताबिक, खरीद केंद्रों के चक्कर लगाने के बजाय मजबूरी में कम कीमत स्वीकार करनी पड़ती है।

    किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मिलों में नमी और धूल-मिट्टी के नाम पर प्रति क्विंटल दो से तीन किलो तक अतिरिक्त कटौती की जाती है। तौल में गड़बड़ी और मिल मालिकों के बीच एक समान खरीद दर तय होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    दूसरी ओर, चावल महंगा होने से उपभोक्ताओं का घरेलू बजट बिगड़ रहा है। स्थानीय निवासी दिलीप कुमार के अनुसार, पहले 30 रुपये किलो मिलने वाला चावल अब 33 रुपये किलो बिक रहा है। इससे 150 किलो चावल खरीदने वाले परिवार पर महीने में 450 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

    किसानों ने लैंप्स में खरीद प्रक्रिया सरल बनाने, खरीद केंद्रों की निगरानी बढ़ाने, कथित अवैध कटौती पर कार्रवाई करने और चावल की कीमतों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन की सक्रियता से ही किसानों को उचित मूल्य और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।

     

     

    *बॉक्स आइटम रंगीन बोल्ड*

     

    धान और चावल के दाम में कितना अंतर?

    मोटा धान: 2,250 से घटकर 2,200 रुपये प्रति क्विंटल

    स्वर्णा धान: 2,350 से घटकर 2,300 रुपये प्रति क्विंटल

    चावल: 3,000 से बढ़कर 3,300 रुपये प्रति क्विंटल

    किसान को नुकसान: धान पर 50 रुपये प्रति क्विंटल कम कीमत

    उपभोक्ता पर बोझ: चावल पर 300 रुपये प्रति क्विंटल अधिक कीमत

    ********

     

    किसानों की मांग: सरकारी खरीद में तेजी, कटौती पर रोक और बाजार की निगरानी

    सवाल: जब धान सस्ता हो रहा है, तो चावल महंगा क्यों हो रहा है? किसानों और उपभोक्ताओं के हित में प्रशासन को खरीद दरों, मिलों की कटौती और खुदरा बाजार की कीमतों की जांच करनी चाहिए।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पहली बार इंटर कॉलेज टूर्नामेंट, 10-11 अक्टूबर को मुकाबले
    Next Article कर चोरी का काला कारोबार: सरकारी खजाने पर डाका, जनता की सेहत से खिलवाड़

    Related Posts

    कर चोरी का काला कारोबार: सरकारी खजाने पर डाका, जनता की सेहत से खिलवाड़

    October 10, 2026

    जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पहली बार इंटर कॉलेज टूर्नामेंट, 10-11 अक्टूबर को मुकाबले

    October 10, 2026

    गोलमुरी में 36 लाख की विकास योजनाओं का विधायक पूर्णिमा साहू ने किया उद्घाटन

    October 10, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    RojaBet: revisión completa (bonos, juegos y pagos)

    कर चोरी का काला कारोबार: सरकारी खजाने पर डाका, जनता की सेहत से खिलवाड़

    धान सस्ता, चावल महंगा: किसान परेशान, मिल मालिकों पर मनमानी का आरोप

    जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पहली बार इंटर कॉलेज टूर्नामेंट, 10-11 अक्टूबर को मुकाबले

    गोलमुरी में 36 लाख की विकास योजनाओं का विधायक पूर्णिमा साहू ने किया उद्घाटन

    Reseña de Novibet: bonos, juegos y pagos en 2026

    Spinsbara Bonusmechanik Und Promotions – Spielerfokus

    हिमालय की प्रदूषण-मुक्ति भी हो पहाड़ी तीर्थयात्रा का उद्देश्य

    संकल्प का शोर, सवालों की गूंज

    बाल साहित्य में डॉ. सत्यवान सौरभ का परचम, ‘प्रज्ञान’ को मिला 31 हजार रुपये का श्रेष्ठ कृति पुरस्कार

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.