टिकट कटने पर नहीं चलेगी ‘जुगाड़’ पाला बदलने का भी नहीं मिलेगा समय
अशोक कुमार ठाकुर /बिहार उप ब्यूरो राष्ट्र संवाद
चुनाव की घोषणा के बाद टिकट के दावेदारों की सांसें अटकी हुई है, क्योंकि इस बार दल बदलने का समय नहीं मिलेगा। गठबंधनों में सीटों का बंटवारा नहीं होने से तनाव बढ़ गया है। जिससे राजनीतिक दलों में भगदड़ की संभावना कम है। निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन गिरता जा रहा है, और इस बार जन सुराज में भी उम्मीदवारी कठिन है।
*टिकट न मिलने पर दल बदलने का समय नहीं।*
चुनाव की घोषणा होने के बाद वैसे दावेदारों की सांसें अटक गई है। जो अपनी पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर दल बदल लेते रहे हें। प्रथम चरण का नामांकन 10 अक्टूबर शुक्रवार से शुरू हो गया है। अभी तक गठबंधनों में सीटों का बंटवारा ही नहीं हुआ है।
टिकट की सेटिंग में पटना-दिल्ली गए दावेदारों को नेतृत्व के स्तर से
यह संदेश देकर लौटाया जा रहा है कि क्षेत्र में रहें यहां दिखेंगे तो लापरवाही समझी जाएगी और टिकट कट जाएगा। ऐसे में टिकट के दावेदारों का अभी हर क्षण तनाव से भरा है। पार्टी टिकट देगी या नहीं भावी प्रत्याशी इसी उधेड़बुन में हें। यह चिंता उन्हें खाए जा रही कि इस बार अन्य पार्टियों में जुगाड़ का समय भी नहीं के बराबर है। दरअसल इस बार विभिन्न पार्टियों के टिकट के दावेदारों की ओर से किए जाने वाले जुगाड़ पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

