भागवत कथा के दूसरे दिन भक्तों की उमड़ी भीड़, बोले कथा वाचक
जिस घर में नारी का सम्मान होता है वहां भगवान विराजते है
राष्ट्र संवाद संवाददाता
प्रखंड के श्रीमद् भागवत कथा आयोजन समिति हल्दीपोखर के द्वारा सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा आयोजन के दूसरे दिन बुधवार को भक्तों की भीड़ उमड़ी। बृंदावन के कथावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ला जी महाराज ने कथा का शुभारंभ भागवत आरती व मंगलाचरण करते हुए किया, तदुपरांत उन्होंने भागवत की रचना, नारद के पूर्व जन्म की कथा ,महाभारत के अंतिम चरण, कलीकाल का आगमन, राजा परीक्षित को श्राप, श्री सुखदेव और परीक्षित का मिलन, मां देवहुती और कपिल भगवान का संवाद , सृष्टि की रचना प्रसंगों पर विस्तार से वर्णन किया। पंडित उमाशंकर जी ने धर्म की जीत ,कर्तव्य की भावना, सत्य और न्याय की महत्ता, परिवार और संबंध के महत्व,जीवन की अनिश्चितता एवं परिवर्तनशीलता पर भक्तिमूलक उपदेश दिए। उन्होंने मां देवहुती और कपिल भगवान का संवाद प्रसंग पर व्याख्यान पर कहा कि जिस कुल या परिवार में नारी का सम्मान होता है उस कुल में स्वयं ईश्वर जन्म लेते हैं, इसलिए हरेक परिवार में नारी का सम्मान होना चाहिए। कथा वाचन के क्रम में राधे राधे की गूंज से भक्ति की रसधार बहा। इस अवसर पर पार्षद सूरज मंडल, चिकित्सा पदाधिकारी डा सुकांत सीट, साहित्यकार सुनील डे, दुलाल मुखर्जी, प्रमोद पंडित जी,कथा वाचन मंडली में रामहरि पंडित जी, तबला वादक दिनेश कुमार,की बोर्ड नीरज जी,पैड पर हेमंत शर्मा,झांकी दीपक जी, भक्त जयप्रकाश राम,विजय केड़िया, परमेश्वर सरदार,निलय मंडल,नेहा मंडल, तारिणी चटर्जी, कृष्णा मंडल, शक्ति पद मंडल, रमेश मोदक, गोविंद मिस्त्री, केदारनाथ गुप्ता,रिंटू पालित, मोहनलाल सरदार, आशुतोष मंडल, अनील मंडल सहित सैंकड़ों भक्त उपस्थित थे।

