भुवनेश्वर, पांच अक्टूबर (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की है कि अगले तीन साल तक राज्य में शराब की कोई नयी दुकान नहीं खुलेगी और उन्होंने राज्य से नशीले पदार्थों के सेवन की बुराई को खत्म करने का आह्वान किया।
पुलिस आयुक्तालय द्वारा रविवार को आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम ‘जीवन जिंदाबाद-2.0’ को संबोधित करते हुए माझी ने मादक पदार्थों के खिलाफ राज्य की ‘बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति’ को दोहराया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ न केवल किसी व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करते हैं बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
उन्होंने ‘नशा-मुक्त भारत’ पहल के लिए पुलिस आयुक्तालय की एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की।
माझी ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन महिलाओं के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों और हिंसा का एक मुख्य कारण बन गया है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हर साल केवल शराब के सेवन के कारण 2.60 लाख से 2.80 लाख लोगों की मौत होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह गंभीर चिंता का विषय है कि शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाली मौत के मामले में ओडिशा दूसरे स्थान पर है।’’ उन्होंने राज्य पुलिस और आबकारी प्रशासन को शराब के साथ-साथ गांजा, अफीम और सिंथेटिक मादक पदार्थ जैसे अधिक जोखिम वाले पदार्थों के खिलाफ और सख्त तथा सक्रिय कदम उठाने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अगले तीन साल तक ओडिशा में शराब की कोई नयी दुकान नहीं खुलेगी।’’
राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के अवैध कारोबार और नकली शराब की बिक्री के लिए स्थानीय प्रशासन को जवाबदेह बनाया गया है। तंबाकू और निकोटीन युक्त पान मसाला और गुटखा के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज परिसरों को ‘नशा-मुक्त क्षेत्र’ घोषित किया गया है।

