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    एनजीटी के आदेश की उड़ी धज्जियां, बहरागोड़ा-चाकुलिया में धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन, प्रशासन मौन

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashJune 14, 2026No Comments2 Mins Read
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    एनजीटी के आदेश की उड़ी धज्जियां, बहरागोड़ा-चाकुलिया में धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन, प्रशासन मौन

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के बावजूद पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा, चाकुलिया और गुड़ाबांदा अंचल में बालू माफिया बेखौफ हैं। मानसून को देखते हुए 10 जून से नदियों से बालू उठाव पर रोक है, लेकिन धरातल पर तस्वीर उलट है।

    *नदी का सीना छलनी, ट्रैक्टर-हाईवा से ढुलाई*
    बहरागोड़ा के बालिजुड़ी घाट की तस्वीरें सबूत हैं। नदी के बीचों-बीच जेसीबी और दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली बालू का सीना चीर रहे हैं। गुड़ाबांदा के पुनसा घाट पर भी रात के अंधेरे में 20-25 हाईवा बालू जामशेदपुर-घाटशिला भेजे जा रहे हैं। कोंकसा-स्वांगछड़ा घाट पर सोलर लाइट लगाकर रात में भी खनन जारी है।

    *अनुमति एक लाख CFT, स्टॉक पांच लाख CFT*
    जांच में बड़ा खेल सामने आया। मेसर्स गोदावरी कमोडिटीज लिमिटेड को एक लाख CFT भंडारण की अनुमति थी, मगर स्टॉक यार्ड में 5 लाख CFT बालू मिला। डीएमओ कार्यालय के मुताबिक जितनी मात्रा का चालान कटा, उससे कम भंडारण दिखाया गया। यानी राजस्व को भी चूना।

    *प्रशासन की भूमिका संदिग्ध*
    डीसी के सख्त निर्देश के बाद भी खनन, भंडारण और परिवहन नहीं रुका। इससे अंचल कार्यालय और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सबकी मिलीभगत से यह लूट चल रही है।

    *क्या बोले अधिकारी*
    – *राजीव रंजन, DFO*: 10 जून के बाद खनन नहीं होना चाहिए। अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
    – *सतीश नायक, DMO*: तय मात्रा से अधिक स्टॉक मिला तो जुर्माना तय है।
    – *जितेंद्र कुमार, कंपनी मैनेजर*: चालान से कम ही भंडारण किया गया है।

    *सवाल बरकरार*: जब एनजीटी का आदेश, डीसी का निर्देश और पुलिस-प्रशासन मौजूद है, तो फिर माफिया इतने बेखौफ कैसे? कागजों में रोक और धरातल पर लूट कब तक?*

    NGT के बैन को ठेंगा, बहरागोड़ा में नदी का सीना चीरते ट्रैक्टर*

    बहरागोड़ा के बालिजुड़ी घाट की है जहां एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद बालू माफिया बेखौफ हैं। 10 जून से मानसून के चलते नदियों से बालू उठाव पर पूरी तरह रोक है, फिर भी नदी के बीचों-बीच दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली धड़ल्ले से बालू लोड कर रहे हैं।

    तस्वीर साफ बता रही है कि कैसे दिनदहाड़े नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जेसीबी से गड्ढे कर बालू निकाला जा रहा है और हाईवा से जामशेदपुर-घाटशिला भेजा जा रहा है।

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    भाजपा के बीएलए-2 बैठक आयोजन पर उठे सवाल, कार्यप्रणाली को लेकर जताई गई नाराजगी राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर। भारतीय जनता पार्टी के कदमा मंडल में आयोजित बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) बैठक को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि कदमा मंडल की बैठक अधिकांश बीएलए-2 कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति में आयोजित की जा रही है, जबकि प्रदेश संगठन के निर्देशानुसार यह बैठक मंडल स्तर पर अलग-अलग होनी चाहिए थी। जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा के कदमा, सोनारी, बिष्टुपुर और साकची पश्चिम मंडलों की संयुक्त बैठक सोनारी स्थित चित्रगुप्त भवन में आयोजित की गई। आलोचकों का कहना है कि इन चारों मंडलों में कुल 180 बूथ हैं, जबकि बैठक स्थल की क्षमता लगभग 80 से 100 लोगों की ही है। ऐसे में सभी बीएलए-2 कार्यकर्ताओं की भागीदारी संभव नहीं है। विरोध जताने वाले कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि कदमा मंडल के लगभग 40 बीएलए-2 पहले ही सामूहिक इस्तीफा दे चुके हैं और उन्होंने नव नियुक्त मंडल अध्यक्ष के साथ काम करने में असमर्थता जताते हुए अपना इस्तीफा जिला अध्यक्ष समेत संबंधित पदाधिकारियों को सौंप दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में बीएलए-2 की बैठकें मंडल स्तर पर आयोजित की गईं, जबकि पश्चिम विधानसभा में कई मंडलों को मिलाकर संयुक्त बैठक की जा रही है। इससे यह धारणा बन रही है कि संगठनात्मक कोरम पूरा करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से जिला अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। उनका मानना है कि बड़ी संख्या में बीएलए-2 के इस्तीफे के बाद इस तरह बैठक आयोजित किया जाना संगठनात्मक प्रबंधन की कमजोरी को दर्शाता है। हालांकि, इस संबंध में जिला भाजपा नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। यदि पार्टी पदाधिकारियों का पक्ष सामने आता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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