भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता के लिए एकजुटता जरूरी
सेमिनार में वक्ताओं ने कहा- भोजपुरी के सम्मान के लिए संघर्ष तेज करना होगा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। संपूर्ण भोजपुरी विकास मंच एवं सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में गोलमुरी स्थित भोजपुरी भवन में “भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता के संघर्ष, दिशा व दशा” विषय पर सेमिनार, सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया।
मुख्य अतिथि मजदूर नेता रघुनाथ पांडे ने कहा कि भोजपुरी के लिए बड़े आंदोलन की जरूरत है और सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। समाजसेवी शिव शंकर सिंह ने कहा कि भारत सहित कई देशों में भोजपुरी की गूंज है, लेकिन अपने ही क्षेत्र में यह भाषा उपेक्षित है। उन्होंने आंदोलन में तन-मन-धन से सहयोग का भरोसा दिया।
अध्यक्ष अरविंद विद्रोही ने कहा कि भोजपुरी भाषा के लिए उनका संघर्ष जीवनभर जारी रहेगा। इस अवसर पर शिव शंकर सिंह को ‘समाज सेवा भूषण सम्मान’ और रघुनाथ पांडे को ‘भोजपुरी रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन प्रदीप सिंह भोजपुरिया, संचालन डॉ. संध्या सिन्हा, स्वागत भाषण शशि भूषण मिश्रा तथा धन्यवाद ज्ञापन मसूद खान ने किया। अप्पू तिवारी, डॉ. अजय किशोर चौबे, उदय प्रताप हयात और जगदीश मिश्रा ने भी विचार रखे। मौके पर त्रिदेव सिंह, कंचन डे, डॉ. एसके तिवारी, राजेश पांडे, रंजन दुबे, संजय पाठक सनेही, उमेश सिंह, एसडी पांडे, संदेश पांडे, रमेश हंसमुख और राम सूरत यादव सहित बड़ी संख्या में भोजपुरी भाषी उपस्थित थे।

