आचार्य 108 प्रमुख सागर जी महाराज का भव्य आगमन, अहिंसा और शांति का दिया संदेश
राष्ट्र संवाद सं
फतेहपुर: दिगंबर जैन धर्म संप्रदाय के राजकीय अतिथि, परम पूज्य आचार्य 108 प्रमुख सागर महाराज अपने पावन अनंत विहार यात्रा के क्रम में गुरुवार की संध्या जवाहर नवोदय विद्यालय, तंबाजोड़ फतेहपुर पहुंचे। उनके आगमन पर विद्यालय परिवार एवं जैन समाज द्वारा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया।विद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रीति श्रीवास्तव के नेतृत्व में शिक्षक-कर्मियों तथा छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से सभा कक्ष तक पुष्पवर्षा कर आचार्य श्री का अभिनंदन किया। इस दौरान पूरा परिसर “अहिंसा परमो धर्मः” के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। आचार्य के साथ दिगंबर जैन धर्म संप्रदाय के अनेक श्रद्धालु पदयात्रा में सम्मिलित हैं। इनमें मुंगेर जैन संस्था के अध्यक्ष दीपक जैन, मिहिजाम जैन मंदिर के अध्यक्ष अशोक जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हैं। रात्रि प्रवास के दौरान आचार्य 108 प्रमुख सागर महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि उनकी अनंत विहार यात्रा मुंगेर से प्रारंभ होकर गिरिडीह, पारसनाथ, भागलपुर, मंदार हिल, मिहिजाम, पुरुलिया, उदयगिरि और खंडगिरि होते हुए कर्नाटक तक जाएगी, जहां वे चातुर्मास प्रवास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत भ्रमण के माध्यम से शांति, संयम और अहिंसा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। आचार्य ने दिगंबर मुनि परंपरा की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दिगंबर मुनि दिन में केवल एक बार आहार ग्रहण करते हैं तथा शीत, उष्ण और वर्षा जैसी सभी परिस्थितियों में वस्त्र धारण नहीं करते। इस कठोर तपस्या और आत्मसंयम का मूल उद्देश्य मानव समाज को हिंसा से दूर रखकर अहिंसा, करुणा और नैतिक जीवन की ओर प्रेरित करना है। आचार्य के प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालु, विद्यार्थी और शिक्षकगण भावविभोर हो उठे। इस पावन अवसर पर जैन समाज के साथ-साथ विद्यालय परिवार ने स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया और आचार्य के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

