Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सरयू राय ने झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक पेश करने की सूचना विधानसभाध्यक्ष को दी
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड

    सरयू राय ने झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक पेश करने की सूचना विधानसभाध्यक्ष को दी

    Nizam KhanBy Nizam KhanJanuary 20, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    सरयू राय ने झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक पेश करने की सूचना विधानसभाध्यक्ष को दी

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    रांची/जमशेदपुर
    जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने विधानसभा के बजट सत्र-2026 में ग़ैर सरकारी विधेयक के रूप में झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक पेश करने की सूचना विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो को दी है। उन्होंने इस विधेयक को अधिनियमित करने का भी उनसे अनुरोध किया है।
    सरयू राय ने बताया कि झारखंड के राजमहल की पहाड़ियों में अनेक जगहों पर काष्ठ जीवाश्म बहुतायत में मिल रहे हैं। साहेबगंज में सरकार ने एक जीवाश्म पार्क बनाया है, मगर साहेबगंज जिला के अन्य स्थानों पर तथा पाकुड़ जिला में भी काष्ठ जीवाश्म मिल रहे हैं। इनके संरक्षण की उचित व्यवस्था नहीं होने से विभिन्न मानवीय गतिविधियों के कारण यह महत्वपूर्ण विरासत नष्ट हो रही है।
    सरयू राय ने बताया कि क़रीब 12 से 14 करोड़ वर्ष पूर्व जलवायु परिवर्तन एवं अन्य कारणों से धरती की सतह पर बड़े परिवर्तन हुए। इन्हीं कारणों से जो वृक्ष एवं वनस्पतियां विविध प्रकार के खनिजों एवं रसायनों के संपर्क में आ गईं, वो हू-ब-हू प्रस्तर के रूप में परिवर्तित हो गईं। इनके अवशेष जीवाश्म के रूप में आज मौजूद हैं। ये जीवाश्म हमारी महत्वपूर्ण विरासत हैं। इनका समुचित संरक्षण हो और ऐसे विरासत स्थलों का विकास हो, इस उद्देश्य से भू-विरासत जीवाश्म विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि विधेयक अधिनियमित हो और उस संबंध में सरकार एक नियमावली तैयार करें।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleटाटा स्टील UISL ने साकची वॉटर वर्क्स में क्लोरीन डाइऑक्साइड प्लांट का उद्घाटन किया
    Next Article झारखण्ड केवल खनिजों का निर्यातक नहीं, सतत और समावेशी विकास की ओर बढ़ रहा है: हेमन्त सोरेन

    Related Posts

    ₹25 लाख के मामले में ‘गबन’ शब्द का प्रयोग तथ्यहीन व दुर्भाग्यपूर्ण : ओम प्रकाश रिंगसिया

    August 31, 2026

    रक्तदान महाशिविर में रक्तदाताओं में दिखा उत्साह, बढ़-चढ़कर किया रक्तदान

    August 31, 2026

    सूर्यधाम में 2 से 4 सितंबर तक भव्य जन्माष्टमी महोत्सव

    August 31, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    ₹25 लाख के मामले में ‘गबन’ शब्द का प्रयोग तथ्यहीन व दुर्भाग्यपूर्ण : ओम प्रकाश रिंगसिया

    रक्तदान महाशिविर में रक्तदाताओं में दिखा उत्साह, बढ़-चढ़कर किया रक्तदान

    सूर्यधाम में 2 से 4 सितंबर तक भव्य जन्माष्टमी महोत्सव

    एमएमडीआर बिल पर पोटका में उलगुलान का बिगुल, गांव-गांव पहुंचकर संजीव सरदार चला रहे जन जागरण अभियान

    ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप में झारखंड का जलवा, 32 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन

    सारंडा की कुइली नदी में दर्दनाक हादसा, तेज धार में बहे तीन ग्रामीण

    राष्ट्रीय खेल दिवस पर पाकुड़ में वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन, खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

    नवादा से एक पुरुष समेत तीन महिलाएं गिरफ्तार, चोरी की सोने की चेन, लॉकेट और दो मोबाइल बरामद

    बहरागोड़ा में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जर्जर सड़कों ने बढ़ाई परेशानी

    अन्ना चौक पर जर्जर सड़क के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन, गड्ढों में पौधे लगाकर जताया विरोध

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.