जामताड़ा – तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के जामताड़ा जिला अध्यक्ष मुस्ताक सेख ने झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का जाना झारखंड की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। वे न केवल एक जननेता थे, बल्कि आदिवासी समाज की आवाज और संघर्ष के प्रतीक भी थे।
मुस्ताक सेख ने कहा कि गुरुजी का जीवन संघर्ष, त्याग और सेवा की मिसाल था। उन्होंने हमेशा वंचितों, आदिवासियों और किसानों की आवाज को बुलंद किया। उनका नेतृत्व न केवल झारखंड के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि दिशोम गुरु ने झारखंड की आत्मा को जगाया और राज्य की पहचान को एक नई दिशा दी। उनके विचार और सिद्धांत आज भी जन आंदोलनों को दिशा दे रहे हैं।
टीएमसी नेता ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए गुरुजी के परिजनों और शुभचिंतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु की कमी हमेशा महसूस की जाएगी, लेकिन उनकी विरासत सदैव हमारे साथ रहेगी।

